यमुनानगर। फर्जी ई रवाना के जरिये खनन सामग्री बेचने व खरीदने के अवैध धंधे के बाद अब विभाग द्वारा सीज किए गए वाहनों के ई-रवाना जारी करने का मामला सामने आया है। खनन विभाग ने जो वाहन सीज किए थे। उन वाहनों के चरखी दादरी, बेलगढ़ व मोहियुद्दीनपुर के स्टोन क्रशरों से ई रवाना जारी किए गए है। खनन विभाग के पकड़ में जब मामला आया तो खनन अधिकारी निरंजन सिंह ने इसकी शिकायत शहर पुलिस को दी। शहर थाना पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खान एवं भू विज्ञान के खनन अधिकारी निरंजन सिंह ने बताया कि 21 अगस्त को डीएसपी राजेश कुमार ने अपनी टीम के साथ औरंगाबाद गांव के पास से चार वाहनों को बिना ई रवाना के खनिज सामग्री लेकर जाते हुए पकड़ा था। वहीं, रादौर थाना पुलिस की टीम ने भी चार वाहनों को बिना ई रवाना के खनिज सामग्री लेकर जाते हुए पकड़ा था। पुलिस ने सभी आठ वाहनों को खनन विभाग के हवाले किया था।
खनन विभाग ने इन वाहनों को नियमानुसार सीज कर दिया। अब विभाग की जांच में सामने आया कि जिन वाहनों को सीज किया गया है। उनके नंबरों के आधार पर सीज होने के बावजूद ई रवाना जारी किए जा रहे हैं। जिन आठ वाहनों को सीज किया गया। उनके ई रवाना अलग-अलग स्टोन क्रशरों से जारी किए गए। जांच में पता चला कि मैसर्स ज्योति स्टोन क्रशर जिला चरखी दादरी से छह वाहनों के नंबर डालकर ई रवाना जारी किए गए जबकि यह वाहन सीज किए गए हैं।
इसी तरह से मैसर्स मां वैष्णो देवी स्क्रीनिंग प्लांट बेलगढ़ व मैसर्स जय लक्ष्मी मिनरल्स गांव मोहियुद्दीनपुर से सीज किए गए दो वाहनों के ई रवाना जारी किए गए। ऐसे में साफ है कि फर्जी ई रवाना के जरिये अवैध खनन का खेल चल रहा है। जांच में फर्जी ई-रवाना जारी होने का पता चलने पर शिकायत शहर पुलिस को दी गई। शहर पुलिस ने मामले में केस दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।