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Yamuna Nagar News: किराये पर स्क्रीनिंग प्लांट लेकर हजारों टन माल के काटे फर्जी ई-रवाना

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- पुलिस ने तीन आरोपियों पर किया धोखाधड़ी व माइनिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज
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- कई महीनों तक चलती रही जांच, अब बिलासपुर पुलिस ने की कार्रवाई

संवाद न्यूज एजेंसी

बिलासपुर। किराये पर स्क्रीनिंग प्लांट लेकर फर्जी ई-रवाना काटने के आरोप में पुलिस ने पानीपत के गांव सुताना निवासी अरविंद, रवि व सोनीपत के गांव बनवासा निवासी अनिल पर केस दर्ज किया है।
यह कार्रवाई संधाली निवासी दीपांश कुमार की शिकायत पर की गई। उसका आरोप है कि आरोपियों ने किराये का एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी फर्जी ई-रवाना काट दिए। जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रादौर क्षेत्र के गांव संधाली निवासी दीपांश कुमार ने बिलासपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका रानीपुर में गुरु कृपा नाम से स्क्रीनिंग प्लांट है। पानीपत के गांव सुताना निवासी अरविंद और उसके अन्य साथियों ने उसके प्लांट को 13 जुलाई 2022 को किराए पर लिया था। एग्रीमेंट होने के बाद उन्होंने प्लांट की चाबी और एमडीएल पोर्टल का पासवर्ड अरविंद को दे दिया था। पासवर्ड लेते ही अरविंद ने पासवर्ड बदल दिया। बाद में उन्हें पता चला कि उनके प्लांट के पोर्टल से फर्जी ई-रवाना जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने अकाउंटेंट से बात कर 16 जुलाई 2022 को पासवर्ड बदलवा दिया था। इसके बाद अरविंद को प्लांट चलाने से भी रोक दिया था। इसके बाद आरोपियों ने उसे और उसके मामा के लड़के गांव चौरपुरा निवासी नितिश को धमकी दी। बाद में उन्होंने किराए पर प्लांट लेने के एग्रीमेंट को कैंसिल करा दिया था। उन्होंने पोर्टल चेक किया तो आरोपियों ने 30 से 31 हजार टन माल के फर्जी ई-रवाना काटे हुए थे। इसमें गुप्ता कॉन्ट्रेक्टर रायपुर रानी पंचकूला से माल लेना दिखाया गया। वहीं उन्हीं दिनों में 30485 टन माल के ई-रवाना से माल सेल करना दिखाया गया। यह रणजीतपुर एरिया में ही सेल किया गया।
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उन्होंने इसकी शिकायत रणजीतपुर पुलिस चौकी में दी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद शिकायत खनन अधिकारी को दी। 16 माह बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने एसपी को शिकायत दी। नौ माह तक वहां पर जांच चली, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इस शिकायत पर बिलासपुर पुलिस ने अब आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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