शहर में मुख्य सड़कों से लेकर सार्वजनिक स्थानों व सरकारी भवनों पर नगर निगम ठेकेदार से पार्किंग की मार्किंग करवा रहा है, जिससे यहां बेतरतीब खड़े होने वाले वाहन सही तरीके से खड़े हो सकें। कई जगह मार्किंग (निशान) मिट गई या फीकी पड़ गई है। ये देखकर पार्षद इसे सरकारी धन की बर्बादी करार दे रहे हैं। उधर, निगम एक्सईएन मंदीप धनखड़ का कहना है कि जहां-जहां पार्किंग की मार्किंग हुई, वहां जांच कराएंगे। कहीं निशान मिटे व फीके पड़े हैं तो उसे ठेकेदार से ठीक कराएंगे।
प्रदेश सरकार के पार्किंग की मार्किंग अभियान को शायद नगर निगम अफसरों ने गंभीरता से नहीं लिया, तभी मई में होने वाला यह काम अब तक लटका रहा। इसे लेकर बैठकों व पत्रों से कई बार आदेश भी हुए, तब भी अफसर पार्किंग की मार्किंग नहीं कर पाए। मई में कुछ स्थानों पर लगा काम भी बिना टेंडर होने से रोक दिया गया था।
तब निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता भी नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र में पार्किंग की मार्किंग के कार्य पर असंतुष्टि जताई थी। इस पर नगर निगम कमिश्नर आयुष सिन्हा को दोबारा एसई, एक्सईएन को जल्द काम कराने के आदेश देने पड़े। कमिश्नर ने आदेश पत्र में स्पष्ट किया कि लापरवाही के लिए खुद जिम्मेदार होंगे। मंत्री की असंतुष्टि व कमिश्नर की चेतावनी पर शहरी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों व सरकारी भवनों पर पार्किंग की मार्किंग का काम हुआ।
प्रधान सचिव (यूएलबी) ने 27 अप्रैल को राज्य की सभी नगर पालिकाओं व नगर निगमों को पार्किंग की मार्किंग के आदेश दिए थे। इसके काम के लिए नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी से संयुक्त आयुक्त ने दो एक्सईएन की जिम्मेदारी तय की थी। ये काम मई में गोबिंदपुरी रोड से शक्तिनगर में ही हुआ, जहां वाहन कम और रेहड़ियां ज्यादा खड़ी होती हैं। इसी स्थान पर पहले मई में सफेद रंग और अब दो अगस्त को की गई पीले रंग की मार्किंग मिट गई या फीकी पड़ चुकी है।
ये सरकारी धन की बर्बादी : विनोद मरवाह
वार्ड नंबर आठ से इनेलो पार्षद विनोद मरवाह ने कहा कि शहर में जगह-जगह मल्टी स्टोरी पार्किंग कांप्लेक्स व जोन बनाकर स्थाई पार्किंग की सुविधा देनी चाहिए। ये मांग दो दशक से हैं, पर ऐसा न कर सरकार व विभाग पार्किंग की मार्किंग में सरकारी धन बर्बाद कर रहे हैं। मार्किंग 15-20 दिन में ही मिट रही या फिकी पड़ रही है। साथ ही मार्किंग के अनुसार वाहन खड़े कराने को भी कोई नहीं है, जहां मार्किंग हुई, वहां भी बेतरतीब ढंग से ही वाहन खड़े हो रहे हैं। पुराने रादौर रोड, रेलवे रोड, वर्कशॉप रोड पर काम अब तक शुरू नहीं हुआ है।
वर्जन
पार्किंग की मार्किंग ऐसे सभी स्थानों पर होगी, जहां वाहनों की पार्किंग बेतरतीब ढंग से होने से ट्रैफिक जाम की आशंका रहती है। ये काम तेजी से किया जा रहा है। जहां तक मार्किंग के मिटने या फीके पड़ने का सवाल है तो जांच कराएंगे। अगर कहीं निशान मिटे व फीके पड़े हैं तो उसे ठेकेदार से ठीक कराएंगे। - मंदीप धनखड़, एक्सईएन, नगर निगम।