यमुनानगर। एक पास पर दो बार शराब सप्लाई करने के मामले में गिरफ्तार एनआईसी कर्मी अक्षय से रिमांड के दौरान पुलिस ने पांच लाख रुपये, एक लैपटाप व मोबाइल बरामद किया है। आरोपी अक्षय एनआईसी पंचकूला में अनुबंधित कर्मी है। वह एनवी फैक्ट्री के आईटी हेड जितेंद्र कुमार के साथ मिलकर नकली बार कोड तैयार करता था। शराब सप्लाई फर्जीवाड़ा में गिरफ्तार दोनों आरोपियों का बुधवार को रिमांड पूरा हो गया। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं इस केस में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए शराब ठेकेदार ब्रजपाल राणा की जेल में तबीयत बिगड़ गई। उसे सिविल अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है। मामले के तार आबकारी विभाग अंबाला के बड़े अधिकारियों से जुडे़ हो सकते है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सीआईए वन की टीम ने 21 जून की शाम को नेशनल हाईवे 344 पर पिरथी का माजरा के पास 1200 पेटियां शराब से भरा ट्रक पकड़ा था। यह शराब की पेटियां एनवी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड अंबाला से रिंकू सिंह के एल-13 गोदाम स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी पर सप्लाई की जानी थी। जब पेटियों के बार कोड को ट्रैक एंड ट्रेस द्वारा स्कैन किया गया तो पता लगा कि यह शराब की पेटियां एल-13 मैसर्स स्काच स्टेशन वाइंस जगाधरी में पहले से ही छह बजकर 11 मिनट पर स्टाक इन दिखा रही हैं, जबकि इस गाड़ी को शराब की पेटियों सहित पांच बजकर 25 मिनट पर पहले ही रोक कर चेक गया। क्यूआर कोड के अनुसार एक ही गाड़ी नंबर और शराब दोनों जगह होना संभव नहीं है। जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच की। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अक्षय व जितेंद्र ही नकली बार कोड तैयार करते। इसके साथ ही जितेंद्र फैक्ट्री में सीसीटीवी का कंट्रोल करता था। जिससे फैक्ट्री से एक ही पास पर निकलने वाली गाड़ियां सीसीटीवी में नजर नहीं आती। यह पूरा खेल अंबाला के आबकारी अधिकारियों, फैक्ट्री के अधिकारियों व शराब ठेकेदारों की मिलीभगत से चल रहा था। इस केस में अब तक फैक्ट्री के तीन अधिकारी, दो शराब ठेकेदार सहित आठ आराेपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।