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Yamuna Nagar News: फड़ी बाजार हटाने पर धरना देकर जताया रोष

Mon, 22 Jul 2024 04:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। रेलवे रोड बाजार, खेड़ा बाजार, देवी भवन बाजार में रविवार को फड़ी व रेहड़ी लगाने के लिए हंगामा हो गया। रविवार को जब लोग यहां रेहड़ी व फड़ी लगाने के लिए पहुंचे तो नगर निगम के कर्मचारियों ने उन्हें रोक दिया। नगर निगम की ओर से उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि उन्होंने बाजार लगाया तो सामान जब्त कर लिया जाएगा। मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। बाजार न लगने देने पर फड़ी वाले बाजार में सड़क पर ही धरना देने लगे।
सुबह से शाम तक फड़ी बाजार वाले धरना देकर लौट गए। इस दौरान कोई अधिकारी उनके बीच नहीं पहुंचा। दिन भर धरने पर बैठे लोगों में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं, किशोर भी शामिल रहे। दुकान न लगने के कारण उनकी आंखों में नमी और चेहरे पर उदासी रही। जगाधरी में यह फड़ी रेहड़ी बाजार करीब 50 साल से लग रहा है।
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फड़ी लगाने वाले कई लोग ऐसे भी हैं जो बचपन से यह काम कर रहे और इसमें उनकी उम्र बीत गई है। इतने सालों में कभी इस तरह का बवाल नहीं मचा, पहली बार ऐसा हो रहा है कि फड़ी बाजार नहीं लग रहा है। इस फड़ी बाजार के सहारे क्षेत्र के करीब 1000 परिवारों की आजीविका चल रही है। वहीं उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश से करीब 100 लोग हर सप्ताह यहां फड़ी लगाने आते हैं। परंतु दो सप्ताह से यह बाजार नहीं लग रहा है।
इस फड़ी बाजार के विरोध में उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा उतर आया है। फड़ी बाजार बंद के लिए मंडल प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल के नेतृत्व में दुकानदार उतरे हैं। इसके लिए व्यापार मंडल के पदाधिकारी नगर निगम कमिश्नर, डीसी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिल चुके हैं। वहीं फड़ी लगाने वाले भी उन्हें अनुमति देने के लिए डीसी से गुहार लगा चुके हैं। रविवार को नगर निगम ने लोगों को बाजार में दुकानें नहीं लगाने दी।
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मंडल के प्रदेशाध्यक्ष का कहना है कि फड़ी बाजार के कारण यहां के दुकानदारों का व्यापार चौपट हो रहा है। फड़ी लगाने वाले आशीष, गुलशन, रिशु, पीयूष, हन्नी कुमार, पवन कुमार, राम गोपाल, अजय सेठी, दीपक कुमार, विवेक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक ने बताया कि उनकी आजीविका का यही सहारा है। कुछ लोग राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से इसका मुद्दा बना रहे हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन उन्हें फड़ी लगाने की अनुमति दे।
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