संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। नगर निगम व दमकल विभाग के कर्मचारियों ने वीरवार को लंबित मांगों को लेकर डीसी कार्यालय के सामने अनाज मंडी में जोरदार प्रदर्शन किया। यहां से कर्मचारी जुलूस की शक्ल में लघु सचिवालय पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कर्मचारी संगठन की ओर से सीटीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम लंबित मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व प्रवेश परोचा ने किया। इस दौरान संघ नेताओं ने कहा कि संघ व सरकार के बीच 29 अक्टूबर 2022 व पांच अप्रैल 2023 को दो दौर की बातचीत हो चुकी है। जिसमें नगर पालिका व दमकल कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने मानी मांगें पूरी नहीं की। सरकार अपनी बात व वादे से मुकर रही है।
सरकार ने साल 2014 के चुनावी घोषणा पत्र में सफाई व सीवर कर्मचारियों की ठेका प्रथा समाप्त करके नियमित भर्ती करने, अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन दस साल में कर्मचारियों की नियमित भर्ती नहीं की गई और न ही अपनी घोषणाओं को लेकर नीति बनाई गई।
उन्होंने कहा कि सरकार से हुए समझौते में प्रदेश के 1327 पे-रोल दमकल कर्मचारियों को सर्जित पदों पर समायोजित कर उन्हें 58 साल तक रोजगार सुरक्षा गारंटी देने पर भी सहमति बनी थी। प्रदेश के दमकल विभाग में 20 साल से लगे अनुभवी अनुबंधित दमकल कर्मचारियों के भविष्य अंधकार में है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश भर के पे-रोल व कौशल निगम के दमकल कर्मचारी नाममात्र वेतन में अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जान माल की रक्षा कर रहे हैं। चार साल से वेतन नहीं बढ़ाया गया है। जिस कारण महंगाई के दौर में कर्मचारियों का जीना मुहाल हो गया है। इस दौरान सीटू नेता सुनीता सुघ, रेखा सैनी, नगरपालिका इकाई प्रधान पपला, बलदीप तुंबी, मुकेश, रमेश कुमार, जीतो, कमलेश, सुनीता, रमन, सोरण दलोर, अग्निश्मन से विजेंद्र सिंह, वीरेंद्र धीमान, रिंकू कुमार, कमलजीत, विक्की वालिया, रविंद्र, नरेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहें।