यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालय के अधिकारियों को कंडम भवन में बैठ कर काम करना पड़ रहा है लेकिन अब आबकारी एवं कराधान विभाग को 60 साल से ज्यादा पुराने भवन से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है। इसके लिए विभाग को सेक्टर-17 में 7500 वर्ग मीटर जमीन अलॉट की गई है। यह जमीन सेक्टर में जिला नगर योजनाकार कार्यालय के ठीक सामने है। इस जमीन पर बेसमेंट के अलावा चार मंजिला भवन बनाया जाना प्रस्तावित है। इस पर करीब 29 करोड़ रुपये खर्च आएगा।
जगाधरी में थाना शहर जगाधरी रोड पर आरटीए, आबकारी एवं कराधान विभाग, सहायक रजिस्ट्रार, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, कृषि विभाग का कार्यालय एक ही परिसर में चल रहा है। इनमें आबकारी एवं कराधान विभाग का भवन 60 साल से ज्यादा पुराना है। भवन में दरारें आई हुई हैं। बारिश होने पर छत से पानी टपकने लगता है। हालत ऐसी हो गई है कि भवन के छज्जे से सरिये तक बाहर निकले हुए हैं। यह भवन अब अंदर बैठ कर काम करने लायक नहीं है। इसलिए पीडब्ल्यूडी विभाग इसे कई साल पहले कंडम कर चुका है। विभाग के अधिकारियाें के पास कोई दूसरा भवन नहीं है, इसलिए इसके अंदर बैठ कर काम करना उनकी मजबूरी हो गया है। इतना ही नहीं कार्यालयों में रिकॉर्ड भी रखा हुआ है, जिसका बारिश के पानी से खराब होने का खतरा रहता है। खतरा केवल अधिकारियाें व स्टाफ को ही नहीं बल्कि उन लोगों को भी है जो रोजाना इनमें शिकायत लेकर या फिर किसी न किसी काम से आते हैं।
वालपेपर के सहारे चमकाने की कोशिश
अधिकारियों व स्टाफ के कमरों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि दीवारों की हालत देख कर अंदर बैठने का भी मन नहीं करता। इसलिए कार्यालयों के अंदर वालपेपर व फाल सिलिंग लगाकर किसी तरह उन्हें बैठने लायक बनाया गया है। वह भी इसलिए ताकि बाहर से आने वाला कोई व्यक्ति कार्यालय की खस्ता हालत देख कर कोई तंज न कसे।
सेक्टर में जमीन अलॉट हुई है: कृष्ण यादव
डीईटीसी कृष्ण यादव ने बताया कि यह सही है कि आबकारी एवं कराधान विभाग का कार्यालय काफी पुराना और कंडम हो चुका है। सेक्टर-17 में करीब 7500 वर्ग मीटर जमीन विभाग को अलाॅट की गई है। उम्मीद है जल्द ही विभाग का जिले में शानदार भवन होगा।