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Yamuna Nagar News: नौ वर्ष बाद भी रेलवे स्टेशन का नहीं बदला नाम

Wed, 29 Jan 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। मार्च-2016 से मुस्तफाबाद कस्बे का नाम सरस्वतीनगर है, पर यहां का रेलवे स्टेशन अभी भी मुस्तफाबाद के नाम से है। कस्बे सहित यहां स्थित केंद्र व राज्य के सरकारी व गैर सरकारी विभागों, स्कूलों व अन्य संस्थानों व प्रतिष्ठानों के बाहर लगे बोर्ड से भी मुस्तफाबाद नाम हटाकर सरस्वतीनगर अंकित किया जा चुका है।
नाम बदले जाने के नौ वर्ष बाद भी रेलवे स्टेशन का नाम नहीं बदल पाया है। जबकि क्षेत्र के लोग कई वर्षों से रेलवे स्टेशन का नाम भी मुस्तफाबाद से बदलकर सरस्वतीनगर करने की मांग कर रहे हैं। बुधवार से सरस्वती महोत्सव भी शुरू हो रहा है, जिस पर श्री आदि बद्री धाम में सीएम नायब सैनी पहुंच रहे हैं।
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क्षेत्र के लोगों की मांग है कि सरस्वती महोत्सव पर ही मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन का नाम सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन कर सरकार को क्षेत्रवासियों को तोहफा दिया जाना चाहिए। सरस्वतीनगर मां सरस्वती नदी के किनारे बसा है। यहां प्राचीन समय से लोग मां सरस्वती की पूजा करते हैं। यहां सरस्वती धाम पर प्राचीन सतयुगी मां सरस्वती का मंदिर बना हुआ है।
यह ग्राम भी सतयुगी सरस्वती धाम सरस्वती तीर्थ स्थल के नाम से जाना जाता है। कपाल मोचन व पंचतीर्थी में लगने वाले मेले के दौरान दूसरे जिलों व राज्यों से आने वाले श्रद्धालु भी सरस्वती धाम के स्थान का महत्व मानते हैं। इसके चलते पूर्व सीएम मनोहर लाल ने 30 मार्च 2015 को साढौरा में हुई जनसभा में मुस्तफाबाद का नाम बदलकर सरस्वती नगर करने की घोषणा की थी।
इसके बाद मार्च-2016 में सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। उसके बाद से मुस्तफाबाद कस्बे का नाम सरस्वतीनगर है। मौजूदा समय में यहां सरकारी व निजी स्कूलों, राज्य सरकार के विभागों के कार्यालयों और केंद्र सरकार के डाकघर व बैंकों के बाहर भी साइन बोर्ड पर सरस्वतीनगर नाम अंकित हो गया है।
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सरस्वती महोत्सव से मिले नाम बदलने का तोहफा
सरस्वती नगर के सरपंच सुखराज सिंह, ऊंचा चंदना से सरपंच प्रतिनिधि सतपाल सैनी और सतीश सूरी, रमेश चौहान, विनोद अरोड़ा, पुनीत बिंदल, सर्बजीत रघुवंशी ने बताया कि सरस्वती नदी किनारे बसे होने के कारण मुस्तफाबाद का नाम बदलकर सरस्वती नगर किया गया था। क्योंकि बिलासपुर के श्री आदि बद्री में उद्गम स्थान से निकलकर सरस्वती नदी सबसे पहले सरस्वती नगर पहुंचती है। यहां सरस्वती सरोवर है, जिसके बीच मां सरस्वती का मंदिर है। इसे दशकों से सरस्वती धाम से जाना जाता है। चारों ओर दर्जनों नवीन व प्राचीन मंदिर है। बुधवार से सरस्वती महोत्सव भी शुरू हो रहा है, जिसके शुभारंभ पर श्री आदि बद्री धाम में सीएम नायब सिंह सैनी पहुंच रहे हैं। सरस्वती महोत्सव पर मुस्तफाबाद रेलवे स्टेशन का नाम सरस्वती नगर रेलवे स्टेशन कर क्षेत्रवासियों को तोहफा दिया जाना चाहिए।
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