संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर में स्थापित मैटल इंडस्ट्री के दूषित पानी का निस्तारण करने के लिए ईटीपी प्लांट लगाया जाएगा। प्लांट पर सरकार की ओर से करीब 99 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। ईटीपी प्लांट बनने से उद्योगपतियों को ही नहीं बल्कि शहर के हजारों लोगों को इसका लाभ होगा।
चूंकि बर्तन फैक्टरियों का दूषित पानी नालियों व नालों में बहता है। जिससे भारी दुर्गंध आती है। यही नहीं कैमिकल युक्त होने के कारण इससे बीमारियां फैलने का भी डर रहता है। इसी को लेकर मंगलवार को हरियाणा व्यापार कल्याण बोर्ड के पदाधिकारी कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर से मिले। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बोर्ड के जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने किया। इस दौरान मैटल फैक्टरी संचालकों ने मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी।
उन्होंने कहा कि लंबे से समय से उनकी समस्या चली आ रही है। इससे फैक्टरी संचालकों के साथ श्रमिकों व आसपास रहने वाले हजारों लोगों को होगा। उन्होंने कहा कि दूषित पानी की निकासी के लिए ठोस प्रबंध किए जाने चाहिए। फैक्टरी संचालकों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि इसका समाधान निकाल लिया गया है। इसके लिए ईटीपी प्लांट बनाया जाएगा। जिस पर सरकार की ओर से 98.60 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
जिलाध्यक्ष मनोज गुप्ता ने बताया कि ईटीपी प्लांट बनने के बाद दूषित पानी की समस्या से निजात मिलेगी। वहीं इससे मैटल इंडस्ट्री के उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। मनोज गुप्ता ने कहा कि मैटल इंडस्ट्री में इस ईटीपी प्लांट बनने से उद्योगों को गति मिलेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जगाधरी शहर के लोगों व मैटल इंडस्ट्री संचालकों की मांग पर सभी कार्य प्राथमिकता से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले का व्यापार व उत्पादन बढ़े इस दिशा में सरकार उद्यमियों को विशेष सुविधाएं दे रही है।