कोरोना के चलते ईएसआई अस्पताल में प्रशासन व आईएमए के सहयोग से एक उच्चस्तरीय वैकल्पिक अस्पताल का प्रबंधन किया जा रहा है। जिसके चलते डीसी मुकुल कुमार द्वारा ईएसआई में बने वैकल्पिक अस्पताल तथा डीएवी डेंटल कॉलेज में बने सार्वजनिक अलगाव वार्ड का भी निरीक्षण किया। डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि फिलहाल जिले में कोई भी कोरोना पॉजीटिव केस नहीं मिला है। फिर भी एहतियात के तौर पर ईएसआई अस्पताल में 16 बैड का वैकल्पिक उच्चस्तरीय अस्पताल का प्रबंधन किया जा रहा है। जिसमें केन्द्रीय ऑक्सीजन व्यवस्था के साथ चार वेंटिलेटर व 12 उच्चस्तरीय उपचार व्यवस्था के अनुरूप बैड होंगे। इसके साथ ही आवश्यकता पड़ने पर दूसरी मंजिल पर भी 20 मरीजों को रखने का प्रबंधन किया गया है। इस वैकल्पिक अस्पताल को बहुत कम समय में तैयार किया गया है तथा यह शुक्रवार तक बन कर तैयार हो जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि डीएवी डेंटल कॉलेज के सार्वजनिक अलगाव वार्ड में फिलहाल 17 लोगों को रखा गया है। इस दौरान सीएमओ डॉ. विजय दहिया ने बताया कि यदि यह बीमारी महामारी का रूप लेती है तो भी लगभग 80 प्रतिशत व्यक्तियों को केवल साधारण लक्षण ही होंगे। लेकिन यह सभी व्यक्ति महामारी के वाहक बनेंगे तथा इस बीमारी को ऐसे लोंगों तक पहुंचा सकते हैं। जिनमें बीमारी की प्रतिरोधात्मक शक्ति कम है। जैसे मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, हृदय, जिगर व पेट की किसी बीमारी से ग्रस्त या बड़ी उम्र के व्यक्ति के लिए यह रोग काफी घातक सिद्ध हो सकता है। ऐसे 20 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में दाखिल कर उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है। इनमें से भी लगभग 15 प्रतिशत मरीजों को अस्पताल में सामान्य उपचार की आवश्यकता होगी। जो उनके लक्षणों के आधार पर होगी। केवल पांच प्रतिशत लोगों को ही गहन चिकित्सीय उपचार की आवश्यकता होगी। जिसके लिए यह 16 बिस्तरीय उच्च स्तरीय वैकल्पिक अस्पताल बनाया जा रहा है। जिसमें चार वेंटीलेटर के साथ 12 उच्चस्तरीय उपचार व्यवस्था के अनुरूप बिस्तर पर जिसमें केंद्रीय ऑक्सीजन की व्यवस्था की गई है। जरूरत पड़ने पर दबाव के साथ भी ऑक्सीजन (सी-पैप) की व्यवस्था भी की गई है। इस दौरान पर ईएसआई अस्पताल की एमएस डॉ. निशा बंसल व सिविल सर्जन कार्यालय से डॉ. अनूप गोयल, डॉ. वागीश गुटैन उपस्थित रहे।