यमुनानगर। जिले में औद्योगिक विकास और सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बुधवार को एमएसएमई कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। जिला एमएसएमई केंद्र के संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार ने उद्यमियों को उद्योगों के विकास के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं और संस्थागत सहायता की जानकारी दी।
उन्होंने उद्यमियों से इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कारोबार को मजबूत करने का आह्वान किया। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के हरियाणा चैप्टर ने सरकार के एमएसएमई निदेशालय और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के सहयोग से रैंप कार्यक्रम के तहत यह आयोजन किया। औद्योगिक विस्तार अधिकारी रोहित टिंडल ने कहा कि जागरूकता कार्यक्रम उद्यमियों को सरकारी सहायता और विकास के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण हैं।
पीएचडीसीसीआई हरियाणा स्टेट चैप्टर के सह-अध्यक्ष शिवम सलूजा ने डिजिटल तकनीक अपनाने, क्षमता निर्माण और व्यावसायिक दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन उपायों से उद्योगों की दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत हो सकती है। तकनीकी सत्र में अल्ट्रुइस्ट टेक्नोलॉजीज के लीगल एंड कंप्लायंस प्रमुख एडवोकेट दीपक भारद्वाज ने डिजिटल साक्षरता, ऑटोमेशन, डिजिटल फाइनेंसिंग और ई-कॉमर्स की उपयोगिता बताई। विदेश व्यापार महानिदेशालय की यंग प्रोफेशनल पारुल जगलान ने निर्यात प्रोत्साहन योजनाओं, नियामकीय अनुपालन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार के अवसरों पर जानकारी दी।