संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। डोर टू डोर कचरा उठान के कार्य में लगे कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर हैं। उनका आरोप है कि उन्हें तीन माह से वेतन नहीं मिला। इस कारण उन्हें काम छोड़ हड़ताल पर जाना पड़ा है। इन कर्मचारियों की हड़ताल से रादौर में चौक-चौहारों व गलियों-सड़कों किनारे कचरे के ढेर लग गए हैं।
गर्मी के मौसम व मच्छर जनित रोगों के सीजन में इन हालात में निवासियों को बीमारी फैलने का खतरा है। डोर टू डोर कचरा उठान का कार्य करने वाले कर्मचारियों में रविंद्र, राकेश, धर्मवीर, प्रवीण, धर्मेंद्र, नीरज, प्रिंस, साहिल, हरकेश, महिंद्र, रोकी, आदर्श, रजत, रोहित, बीर सिंह ने बताया कि ठेकेदार से तीन माह का वेतन नहीं मिला है। इस कारण परिवारों का गुजारा मुश्किल हो गया है। वेतन न मिलने से मजबूर होकर उन्हें हड़ताल पर जाना पड़ा है। उनकी मांग है कि नगर पालिका अफसरों की ओर से उन्हें जल्द ठेकेदार से वेतन दिलाया जाए।
पार्षद भगवत दयाल कटारिया ने कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते जगह-जगह कचरे के ढेर लग गए हैं। इससे शहर के लोग परेशान हैं। नगरपालिका के अधिकारियों को ठेकेदार व सफाई कर्मचारियों से बात कर मामला सुलझाना चाहिए, जिससे सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके। यदि एक-दो दिन ओर कर्मचारियों की हड़ताल रही तो रादौर में जगह-जगह कचरे के ढेर लग जाएंगे।
डोर टू डोर कचरा उठान का काम करने वाले कर्मचारियों को जल्द ठेकेदार को वेतन का भुगतान कराया जाएगा। - गोविंद कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर पालिका रादौर।