मांगों को लेकर जुलूस निकालते चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी।
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जगाधरी। आढ़तियों के शिक्षामंत्री आवास के घेराव के बीच सरकारी स्कूल में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को जुलूस निकालने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। प्रशासन की ओर से आढ़तियों के उठने के बाद कर्मचारियों को प्रदर्शन की अनुमति दी। जिसके बाद हरियाणा राज्य चतुर्थ श्रेणी सरकारी कर्मचारी यूनियन के बैनर तले शिक्षामंत्री आवास तक जुलूस निकाला। कर्मचारियों जुलूस निकालते हुए शहर में जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों शिक्षामंत्री आवास से पहले ही रोक दिया गया। शिक्षामंत्री के न होने पर एसडीएम सुशील कुमार ने कर्मचारियों का ज्ञापन लिया।
यूनियन जिला प्रधान रामगोपाल ने बताया कि सरकार स्कूलों के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का शोषण कर रही है। सालों से लंबित मांगों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। इस दौरान रामगोपाल ने कहा कि कौशल रोजगार बंद की जाए और किसी कर्मचारी को कौशल रोजगार में न भेजा जाए। एजुसेट चौकीदारों का न्यूनतम वेतन 24 हजार रुपये किया जाए। पार्ट टाइम कर्मचारियों को दस के बजाय 12 महीने का वेतन दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार स्कूल बंद कर बच्चों व प्रदेश के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। उनकी मांग है कि बंद किए स्कूल दोबारा शुरू किए जाएं। उन स्कूलों में लगे पार्ट टाइम और एजुसेट चौकीदारों को दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जाए। जो स्कूल दोबारा खोले गए हैं उनमें पहले लगे कर्मियों को ही ड्यूटी पर रखा जाए। पार्ट टाइम और एजुसेट चौकीदारों की मृत्यु उपरांत परिवार को तीन लाख का बीमा और एक सदस्य को नौकरी देने का प्रावधान किया जाए। प्रधान ने कहा कि सरकार सालों से उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे आंदोलन छेड़ देंगे।