साढौरा। हरियाणा में बिजली वितरण के निजीकरण के विरोध में संयुक्त कर्मचारी संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर साढौरा सब डिवीजन के कर्मचारियों ने दो घंटे तक रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
कर्मचारी नेता प्रमोद और सुशील ने कहा कि सरकार ने बिजली कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है। गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण निजी कंपनी को सौंपने के बाद प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी निजीकरण लागू किए जाने की आशंका है। उन्होंने कहा कि इससे स्थायी नौकरियों और भविष्य में रोजगार के अवसरों पर असर पड़ेगा। साथ ही आम जनता और किसानों के लिए बिजली महंगी होने की आशंका भी है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि निजीकरण के विरोध में कर्मचारी 22 से 24 अक्तूबर तक तीन दिन की पूर्ण हड़ताल करेंगे। उन्होंने सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन में रविंद्र, संजीव ठाकुर, मनीष, पाल चंद और अमृत सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। संवाद