काले बिल्ले लगाकर विरोध प्रदर्शन करते कॉलेज का स्टाफ। प्रवक्ता
यमुनानगर। हरियाणा प्रदेश के सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ को आज तक मकान किराया भत्ता (एचआरए) का लाभ नहीं मिल पाया है। जबकि प्रदेश के अन्य सभी सरकारी विभागों में यह सुविधा वर्ष 2019 से लागू हो चुकी है। इससे सहायता प्राप्त कॉलेजों के कर्मचारियों में गहरा रोष व्याप्त है।
कर्मचारियों का कहना है कि एचआरए से संबंधित फाइल लंबे समय से शिक्षा विभाग और वित्त विभाग के बीच लंबित पड़ी है। वित्त विभाग की ओर से बार-बार नए ऑब्जेक्शन लगाए जाने के कारण मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। स्टाफ ने बताया कि पूर्ववर्ती वेतन आयोगों में सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों के समान भत्ते दिए जाते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें इस मूलभूत सुविधा से वंचित रखा गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। इधर, हरियाणा सरकार के महिला कर्मचारियों की आकस्मिक अवकाश की संख्या 20 से बढ़ाकर 25 दिन करने के निर्णय पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री की स्वीकृति के बावजूद शिक्षा विभाग की ओर से अब तक इसका औपचारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। संवाद