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Yamuna Nagar News: चुनाव ड्यूटी कटवाने के लिए हो रही जोर आजमाइश

Thu, 16 May 2024 06:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। लोकतंत्र के महापर्व लोकसभा चुनाव के लिए 25 मई को मतदान होना है। इस महापर्व का हिस्सा बनने से कई सरकारी कर्मचारी बच रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बहाने बनाने शुरू कर दिए हैं। चुनाव में ड्यूटी न करनी पड़े इसके लिए सरकारी कर्मचारी परिवार के सदस्यों की बीमारी के बहाने बनाकर ड्यूटी करने से बच रहे हैं। यहां तक की पत्थरी का दर्द होने जैसे तर्क भी ड्यूटी न करने के लिए दिए जा रहे हैं। ऐसे कर्मचारियों को उच्चाधिकारियों द्वारा टका सा जवाब दिया जा रहा है कि जब आप रोजाना सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ड्यूटी करते हो तो उस दौरान आपके परिवार की देखभाल कौन करता है? ऐसे जवाब सुनकर कर्मचारी शर्मसार होकर चेहरा लटका लेते हैं। कुछ अपनी ड्यूटी कटवाने में सफल हो गए तो काफी अभी भी यहां वहां जोर आजमाइश कर रहे हैं।
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कई महिला कर्मचारियों ने चुनाव ड्यूटी के लिए खुद के अनफिट होने का बहना बनाया। जिस कारण वह अपना मेडिकल कराने के लिए मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पहुंची। इनमें से 25 प्रतिशत कर्मचारी ऐसी थी जिन्हें कोई बीमारी नहीं थी और उन्हें पूरी तरह से फिट बताया गया। गर्भवती महिलाओं को चुनाव ड्यूटी करने में छूट प्राप्त है। मंगलवार तक अस्पताल में चुनाव ड्यूटी के लिए अनफिट से संबंधित मेडिकल के लिए 50 आवेदन आए। इनमें 29 को ही अनफिट बताया गया।
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छुट्टी के लिए लग रही हैं सिफारिशें
जिन कर्मचारियों की चुनाव के लिए ड्यूटी लगी है उन्हें मतदान केंद्र पर एक दिन पहले ही शाम को पहुंचना पड़ता है। मतदान 25 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। जब तक कर्मचारी मतदान केंद्र पर ड्यूटी करता है उसके रहने से लेकर भोजन तक और आने जाने की व्यवस्था चुनाव आयोग द्वारा की जाती है। इसके अलावा ड्यूटी करने की एवज में मानदेय अलग से मिलता है। इसके बावजूद सरकारी कर्मचारी चुनाव ड्यूटी करने से बच रहे हैं। अपनी ड्यूटी कटवाने के लिए कर्मचारियों द्वारा करीब एक माह से यहां वहां से सिफारिशें लगवाई जा रही हैं।
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हम केवल मेडिकल करते हैं: दिव्या मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि हम चुनाव ड्यूटी करने से किसी को नहीं रोकते। हमारे पास मेडिकल जांच के लिए जो आता है उस पर अपनी रिपोर्ट बनाकर दे देते हैं। अनफिट होने पर कर्मचारी की ड्यूटी चुनाव में लगानी है या नहीं इसका निर्णय उच्चाधिकारियों को लेना होता है। यह सही है कि काफी कर्मचारियों ने मेडिकल जांच के लिए चुनाव ड्यूटी का हवाला दिया है।
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