प्रतापनगर। कलेसर जंगल से निकलकर आबादी की ओर पहुंच रहे हाथी लगातार खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। दो दिन पहले अराईयावाला गांव में धान की फसल रौंदने के बाद बीती रात हाथी ने दोबारा खेतों में पहुंचकर काफी नुकसान किया। इस दौरान करीब 50 एकड़ की फसल को नुकसान हुआ है।
ग्रामीणों के अनुसार रात होते ही हाथी जंगल से निकलकर खेतों की ओर आ जाते हैं। इसके बाद धान की फसल को रौंदते हैं। किसानों का कहना है कि धान की फसल उनकी आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में हाथी के कारण फसल बर्बाद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों की सबसे बड़ी चिंता रात को फसल की रखवाली को लेकर है।
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अंधेरे में जंगली हाथी का सामना होना जानलेवा साबित हो सकता है। इस कारण किसान फसल की रखवाली के लिए खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। वन्य प्राणी विभाग के निरीक्षक लीलू राम ने बताया कि रात को विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से गश्त कर रहे हैं। जंगली जानवरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों ने विभाग से रात्रि गश्त बढ़ाने और हाथी की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है।
टिबड़ियों में छान तोड़ी
टिबड़ियों गांव में भी जंगली हाथी ने किसानों को नुकसान पहुंचाया। खेतों में फसल की रखवाली के लिए बनाई गई छान को हाथी ने तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया। सूचना मिलने पर वन्य प्राणी विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का मुआयना किया। किसानों ने फसल नुकसान का मुआवजा देने और हाथी को आबादी व खेतों की ओर आने से रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।