संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार हो चुकी है। कहीं-कहीं कटाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में बिजली की तारों से निकलने वाली चिंगारी खेतों में लहलहा रही गेहूं की फसल के लिए बड़ा खतरा है। इस पर निगम ने खेतों में लगे ट्यूबवेलों की बिजली सप्लाई को दिन बंद कर दिया है।
फसल सिंचाई के लिए किसानों को केवल रात में 10:30 बजे से लेकर सुबह 5:30 बजे तक ही बिजली दी जाएगी। वहीं शाम के समय छह से सात बजे तक भी एक घंटे के लिए बिजली दी जाएगी। हर वर्ष गेहूं की कटाई दौरान बिजली तारों से चिंगारियां से फसल में आग लगने का खतरा रहता है। इस खतरे से निपटने के लिए ही बिजली निगम ने यह फैसला लिया है।
ज्यादा गर्मी होने के कारण कई जगह तारों से छोटी चिंगारी फसल को अपनी चपेट में ले लेती है। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार बिजली निगम ने पहले ही तैयारी शुरू कर दी है। खेतों से गुजरने वाली लाइन को दिनभर सुबह 5.30 बजे से रात के 10.30 बजे तक बंद रखने का निर्णय लिया है।
पहले किसानों को एक चरण में सुबह 9:15 बजे से शाम 5:15 बजे तक और दूसरे चरण में रात 9:30 बजे से सुबह 5:15 बजे तक बिजली दी जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक जब तक गेहूं की सारी फसल कट कर मंडियों में नहीं पहुंच जाती तब तक रात में ही पावर सप्लाई का शेड्यूल रहेगा। जिले में हजारों एकड़ फसल ऐसी है जिसके ऊपर से बिजली की तारें जा रही हैं। गर्मी में तेज हवाओं के अलावा लू भी चलती है।
तेज हवा की वजह से ढीली तार आपस में टकरा जाती हैं और इनसे निकली चिंगारी पकी हुई फसल को स्वाह कर देती हैं। एसई पुनीत कुमार ने बताया कि तारों से निकली चिंगारी की वजह से किसानों को कोई नुकसान न हो इसके लिए दिन के समय बिजली बंद रखने का निर्णय लिया गया है। शेड्यूल के हिसाब से सप्लाई शुरू कर दी है।