गर्मी से मुरझाई गन्ने की फसल। संवाद
यमुनानगर। आंधी से जिले में बिजली के खंभे टूटने और खंभों पर लगे ट्रांसफार्मर गिरने से के बाद किसानों के सामने फसलों की सिंचाई करने का संकट पैदा हो गया था। कारण कि खंभों पर लगे 49 ट्रांसफार्मर खंभे गिरने से गिर गए थे व 114 खंभे टूट गए थे।
इसमें से 90 प्रतिशत खेतों में लगे थे। गर्मी व फसलों के नुकसान को देखते हुए बिजली निगम ने दो दिन में ही पावर सप्लाई को सुचारू कर दिया। इससे किसानों ने राहत की सांस ली है। गर्मी की वजह से इस वक्त खेतों में लगी फसलों को पानी की बहुत ज्यादा जरूरत है। खेतोंं में गन्ने की फसल के अलावा मक्का, पशु चारा व सब्जी लगी हुईं हैं। जिनकी किसानों को जरूरत के हिसाब से सिंचाई करनी पड़ती है।
ये फसलें तैयार होने वाली हैं। इसी तरह गन्ना भी अधिक गर्मी की वजह से मुरझाने लगा है। इसलिए इसे ज्यादा पानी की जरूरत है। गन्ने के खेत में पानी देने में समय भी ज्यादा लगता है।
धान के लिए तैयार हो रही है पौध : गेहूं कटाई के बाद अब किसान धान रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं। किसान खेतों को तैयार करने में लगे हैं। वहीं धान रोपाई के लिए पौध भी लगाई जा चुकी है। जिसमें हर वक्त पानी रखना जरूरी है। बिना पानी के पौध के सूखने का खतरा है। बुधवार को जिस तरह से ट्रांसफार्मर व खंभे टूटे, उससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान संजू गुंदियाना का कहना है कि इस बार बिजली निगम ने ट्रांसफार्मर व खंभे लगाने में बहुत तेजी दिखाई है।