संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। कलेसर नेशनल पार्क में करीब आठ माह के तेंदुए की मौत हो गई। पोस्टमार्टम में तेंदुए की मौत का कारण कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) बताया जा रहा है। 29 जून को गंभीर हालत में मिले तेंदुए को रेस्क्यू कर उपचार के लिए लाया गया था। बनसंतौर स्थित हाथी पुनर्वास केंद्र में तीन डॉक्टरों की टीम ने तेंदुए का पोस्टमार्टम किया।
प्रारंभिक जांच में तेंदुए के कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) से संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। पोस्टमार्टम करने वाले विशेषज्ञ डॉ. सुखबीर नैन ने बताया कि जांच के दौरान तेंदुए का लीवर और हृदय प्रभावित मिले, जबकि आंतों में रक्त रिसाव तथा श्वसन तंत्र में भी गंभीर विकार मिले।
उन्होंने बताया कि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस सामान्यतः संक्रमित कुत्तों अथवा अन्य जंगली मांसाहारी जीवों के संपर्क से फैलता है। हालांकि इस बीमारी से संक्रमित जानवर अकसर स्वयं को अन्य जानवरों से अलग कर लेते हैं, जिससे संक्रमण के व्यापक रूप से फैलने की संभावना कम रहती है।
इसके बावजूद विभाग को पूरी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. सतबीर ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद तेंदुए के शव का जला दिया गया और अवशेष जमीन में दबा दिए हैं।
मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा जांच के लिए हिसार प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की सटीक पुष्टि हो सकेगी। घटना के बाद वन एवं वन्यजीव विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी बीमार वन्यजीव की सूचना तत्काल अधिकारियों तक पहुंचाई जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।