संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सेना से सेवानिवृत्त सैनिक के साथ मकान के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने बैंक में गिरवी रखे मकान को फर्जी दस्तावेज तैयार कर पूर्व सैनिक को बेच दिया। जब बैंक ने मकान के बाहर नोटिस चस्पा दिया, तब पीड़ित को ठगी का पता चला।
थाना शहर जगाधरी पुलिस ने शिकायत पर गुलाबनगर निवासी नर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है शिकायत में आत्म नगर गुलाब नगर निवासी पूर्व सैनिक सिंबर सिंह ने बताया कि 6 मई 2019 को रामनगर निवासी नर सिंह उनके पास आया और पैसों की सख्त जरूरत बताते हुए अपना मकान बेचने की पेशकश की। इस पर सिंबर सिंह ने 8 लाख रुपये देकर मकान का बयाना कर लिया। इसके बाद 25 फरवरी 2020 को शेष रकम अदा कर मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी बलविंदर कौर के नाम करवा ली।
पूर्व सैनिक के अनुसार रजिस्ट्री के बाद इंतकाल नंबर 3456 के तहत माल रिकॉर्ड में और नगर निगम के रिकॉर्ड में भी उनकी पत्नी का नाम दर्ज हो गया। सभी दस्तावेज पूरे होने के कारण उन्हें किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। वह 30 जून 2022 को अपने मकान पर पहुंचे तो पंजाब नेशनल बैंक, शाखा महलांवाली की ओर से जारी नोटिस चस्पा मिला।
कुछ दिन बाद बैंक कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बताया कि मकान पर कोर्ट केस चल रहा है और इसे जल्द सील किया जाएगा, क्योंकि पूर्व मालिक ने बैंक का लोन नहीं चुकाया है। यह सुनकर पूर्व सैनिक के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच करने पर पता चला कि जिस मकान को उन्होंने खरीदा था, वह पहले से ही बैंक में गिरवी था।
आरोप है कि यह बात उनसे जानबूझकर छिपाई गई और फर्जी कागजात के सहारे रजिस्ट्री करवा दी गई। पूर्व सैनिक ने पुलिस से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसी धोखाधड़ी न हो। पुलिस का कहना है शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।