संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। धान खरीद को लेकर पोर्टल पर किसानों का ब्योरा न मिलने से नाराज भारतीय किसान यूनियन चढूनी के बैनर तले किसानों ने प्रदर्शन किया। जिला सचिवालय के सामने अनाज मंडी के गेट पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार व मंत्री के पुतले फूंके।
पुतला दहन के बाद किसान प्रदर्शन करते हुए जिला सचिवालय पहुंचे। यहां डीसी को भाकियू ने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। भाकियू ने प्रशासन को दो दिन में पोर्टल की समस्याओं का समाधान न होने पर जिला सचिवालय में धान गिराकर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने किया।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि जिले में अब तक 50 प्रतिशत से अधिक किसानों का ब्योरा पोर्टल पर मेल नहीं खा पाया है। इसके कारण किसानों को मंडियों में धान बेचने में परेशानी हो रही है। धान मंडी में पहुंचाने के बाद भी खरीद प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। इससे किसानों को अधिकारियों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन के सामने दूसरे जिलों की मंडियों से जुड़ी समस्या भी रखी। किसानों ने बताया कि जिले की कई मंडियों से महज एक-दो किलोमीटर की दूरी पर दूसरे जिले की सीमा शुरू हो जाती है। ऐसे में सीमा से सटे गांवों के किसान नजदीकी मंडियों में अपनी फसल लेकर पहुंचते हैं, परंतु दूसरे जिले की मंडियों में उनका पोर्टल नहीं कट रहा है। इससे किसानों को दूर की मंडियों का रुख करना पड़ रहा है।
किसानों ने यह शिकायत भी रखी कि कई किसानों का पोर्टल किसी अन्य व्यक्ति ने अपने स्तर पर करवा लिया है, लेकिन विभाग की ओर से इसकी जांच या कार्रवाई नहीं की जा रही। इसी तरह परिवार में जमीन के मालिक की मृत्यु होने के बाद उसके नाम दर्ज जमीन से संबंधित पोर्टल प्रक्रिया परिवार के दूसरे सदस्य ने पूरी करवाई है, परंतु ऐसे मामलों का भी सत्यापन नहीं हुआ।
जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि अधिकारियों को धान खरीद शुरू होने से पहले किसानों का ब्योरा दुरुस्त कर लेना चाहिए था। अब किसान अपनी फसल बेचने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन में पोर्टल की समस्या दूर नहीं हुई तो किसान जिला सचिवालय में धान गिराकर प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में जिला महासचिव गुरबीर सिंह, जिला निदेशक मनदीप रोडछपर, जिला सचिव विक्रांत सिसोली, संगठन सचिव राजीव, जिला उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी, कृष्ण पाल सुढैल, जगाधरी अध्यक्ष परमजीत सिंह, छछरौली प्रधान राजकुमार सिंह, प्रताप नगर प्रधान जगतार कड़कोली, व्यासपुर प्रधान नैब सिंह, साढौरा प्रधान सतपाल राणा, अनाज मंडी प्रधान जगबीर सिंह और लखविंद्र सिंह मल्ली मौजूद रहे।