यमुनानगर। आठवीं के फर्जी प्रमाणपत्र पर चुनाव लड़कर जीत हासिल करने वाली गांव दुसानी की महिला सरपंच सुनीता रानी को डीसी ने सरपंच पद से बर्खास्त कर दिया है। सरपंच सुनीता रानी ने चुनाव में जिस आदर्श सेकेंडरी स्कूल मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली से कक्षा आठवीं का प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। जांच में वह स्कूल वहां मिला ही नहीं। इस पर पुलिस ने आरोपी सुनीता रानी व उसके पति राजेश्वर के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया।
दुसानी गांव निवासी मीना कुमारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके गांव की सुनीता रानी ने इस बार सरपंच पद का चुनाव लड़ा था। वह चुनाव जीत गई थी। इसके बाद जब उसके पति ने आरटीआई से सरपंच के दस्तावेजों की जानकारी मांगी तो पता चला कि सुनीता ने आदर्श सेकेंडरी स्कूल मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली से आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र चुनाव संबंधी दस्तावेजों के साथ लगाया हुआ है। जबकि गांव से दिल्ली की दूरी 300 किलोमीटर है। ऐसे में सुनीता घर छोड़ कर शिक्षा ग्रहण करने वहां गई ही नहीं। तब उसके पति ने मामले की शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी को दी। खंड शिक्षा अधिकारी ने जब प्रमाणपत्र की जांच की तो पता चला कि इस नाम का कोई स्कूल वहां पर नहीं है। इस प्रकार सुनीता रानी से धोखे से प्रमाणपत्र हासिल कर सरंपच पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। इन सब गतिविधियों में सुनीता रानी का पति राजेश्वर भी शामिल है। सदर थाना प्रभारी केवल सिंह का कहना है कि दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। आरोपी महिला सरपंच को उपायुक्त ने बर्खास्त कर दिया है।