संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रेलवे के रवैये ने जगाधरी शहर की जलनिकासी योजना पर पांच साल से ब्रेक लगा रखा है। वह भी तब जब रेलवे ने रेल लाइन के नीचे पाइप लाइन दबाने के लिए नगर निगम से चार करोड़ रुपये ले लिए थे। इसका खामियाजा हर साल मानसून में जगाधरी व यमुनानगर शहर के लोग भुगत रहे हैं।
तेज बारिश होने पर जगाधरी शहर का एक बड़ा हिस्सा बरसाती पानी में डूब जाता है। पाइप लाइन दबाने के लिए नगर निगम ने कई बार रेलवे को पत्र भी लिखा, लेकिन रेलवे अधिकारी अपनी मर्जी से काम करने की जिद पर अड़े हैं। सूत्रों की माने तो रेलवे नगर निगम से अभी और पैसा मांग सकता है। वह इसलिए कि पांच साल पहले के एस्टीमेट के आधार पर रेलवे ने निगम से रुपये लिए थे। तब से अब तक महंगाई काफी बढ़ चुकी है।
बरसात होने पर जगाधरी शहर का बरसाती पानी यमुनानगर शहर में जलभराव का बड़ा कारण बनता है। इसके लिए जगाधरी के पानी को बड़े पाइप के माध्यम से जम्मू कॉलोनी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने की योजना बनी थी। अमरुत योजना के तहत 24 फरवरी 2019 को बरसाती पानी की निकासी के लिए लाइन डालने के काम का शिलान्यास यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने किया था।
साढ़े चार किलोमीटर लंबी लाइन पर नौ करोड़ 15 लाख रुपये खर्च किए जाने थे। 15 अगस्त 2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लाइन में 900 एमएम से 1800 एमएम के पाइप डाले गए हैं। लाइन में 100 मेनहोल बनाए गए। करीब 196 प्वाइंट से गंदा पानी लाइन में डाला जाना है। शिलान्यास के छह माह तक तो एजेंसी ने काम ही शुरू नहीं किया।
पाइप डालने का काम शुरू हुआ तो रेलवे बाईपास के नजदीक आकर रुक गया। पहले यहां बाइपास के साथ लगती जमीन निजी व्यक्ति की निकल आई, जिन्होंने अपनी जमीन से पाइप दबाने से मना कर दिया। इनके साथ किसी तरह सुलह हुई तो रेलवे ने बिना एनओसी पाइप दबाने से मना कर दिया। लाइन के नीचे रेलवे की ओर से ही पाइप दबाया जाना है। इसके लिए नगर निगम ने रेलवे को करीब चार करोड़ रुपये जमा करवाए। पांच साल बाद भी रेलवे ने काम शुरू नहीं किया है।
इन कॉलोनियों को मिलेगी राहत
रेलवे के नीचे पाइप डालने का काम पूरा हो तो इस लाइन में पानी छोड़ा जाएगा। इसमें पानी छोड़ने से सरोजनी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, शक्ति नगर, श्याम नगर, मॉडर्न कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, चांदपुर, जम्मू कॉलोनी, कैंप एरिया, कृष्णा कॉलोनी, हरिनगर, विष्णु नगर, बैंक कॉलोनी समेत अन्य इलाकों का पानी इसमें डाला जाएगा। इससे शहर के बड़े नालों पर पानी का दबाव कम होगा। नाले ओवरफ्लो नहीं होंगे तो बरसात का पानी भी निचले इलाकों में नुकसान नहीं पहुंचाएगा।
जगाधरी का पानी एसटीपी तक ले जाने में केवल रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने का काम ही बचा है। इसके लिए कुछ दिन पहले ही रेलवे अधिकारियों से बात हुई है। रेलवे ने जल्द पाइप लाइन डालने का काम शुरू करने की बात कही है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।