जगाधरी। मौसम के बदले मिजाज ने एक बार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान उत्पादकों के साथ अब आढ़ती व मिलर्स भी मौसम को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग ने दशहरे से तीन दिन तक प्रदेशभर में बारिश की संभावना जताई हैं। वहीं बुधवार को छाए बादल से किसानों व आढ़तियों की धड़कने तेज हो गई। चूंकि धान उत्पादक पहले ही फसल में अज्ञात बीमारी व भारी बारिश की मार झेल रहे हैं। जिले में सैकड़ों एकड़ में लगी धान प्रभावित हुई है। हालांकि धान की कटाई जोरों पर है और मंडियों में भी आवक में तेजी आई है। जिले में अब तक 84,885 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। आवक तेज और उठान धीमा होने से जिले की मंडियां धान की बोरियों से अटी पड़ी हैं। शेड के बाद फड़ पर भी बोरियां रखी जा रही है। शहर की अनाज मंडी की अपेक्षा कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र मंडियों में ज्यादा हालत खराब हैं। चूंकि कई मंडियों में शेड कम और क्षमता कम है जबकि वहां आवक ज्यादा होती है। इस बार जिले में पांच लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया है। जिले के किसान धान कटाई में जुटे हुए हैं, ताकि बारिश से पहले वे फसल मंडी पहुंचा सकें। शहर की जगाधरी अनाज मंडी में कुल 14,141 मीट्रिक टन धान खरीद गई है।
उठान धीमा, बोरियों से अटी मंडियां
सीजन पीक पर होने से मंडियों में धान की आवक तेज हो गई है। खरीद भी तेजी से हो रही है, जबकि मंडियों में उठान धीमा है। उठान धीमा होने से मंडियों में धान की बोरियों के ढेर लग गए हैं, वहीं मौसम विभाग की ओर से बारिश की संभावना जताई गई है। जिससे किसानों, आढ़तियों व मिलर्स की चिंता बढ़ गई है। जगाधरी अनाज मंडी में करीब डेढ़ लाख बोरियां उठान के इंतजार में पड़ी हैं। जबकि जिले की अन्य 13 मंडियों में करीब आठ लाख बोरियों का उठान किया जाना है। हालांकि उठान जारी है, लेकिन यह बहुत धीमा है। मौसम विभाग द्वारा जताई गई बारिश की संभावना के बाद डीसी ने अधिकारियों व एजेंसियों को उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।