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ओवरलोड वाहनों को निकालने के नाम पर मंथली लेने का आरोपी डीटीओ गिरफ्तार, 30 लाख रुपये बरामद

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यमुनानगर। ओवरलोड वाहनों को निकालने की एवज में वसूली करने के आरोप में फंसे आरटीए/डीटीओ सुभाष को विजिलेंस की टीम ने शनिवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया है। सुभाष के पास यमुनानगर के साथ-साथ करनाल की भी जिम्मेदारी है। आरोपी डीटीओ से रिश्वत के 30 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। विजिलेंस का दावा है कि आरोपी दलालों के माध्यम से ओवरलोड वाहन चालकों से वसूली करता था। आरोपी डीटीओ को रविवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस मामले में अब तक चार आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जो ओवरलोड वाहनों को निकलवाने के लिए डीटीओ के नाम से रुपये लेते थे। आरोपियों से 36 लाख 15 हजार रुपये विजिलेंस बरामद कर चुकी है। इस प्रकरण में अब तक विजिलेंस ब्यूरो कुल 66 लाख 15 हजार रुपये बरामद कर चुका है।
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करनाल विजिलेंस को यूपी निवासी अख्तर ने आरटीए/डीटीओ डा. सुभाष चंद्र के नाम से ओवरलोड वाहन निकालने के लिए मंथली लेने की शिकायत दी थी। जिसके बाद टीम ने दलालों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। नौ अक्तूूबर को शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये लेते पंसारी बाजार निवासी अंकित व उसके साथी लवली को पकड़ा गया। इसके बाद बाइपास रोड से गांधी धाम कालोनी निवासी नीरज को पकड़ा गया। आरोपियों के घर से करीब पांच लाख रुपये भी विजिलेंस ने बरामद किए थे। इनमें से लवली को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। जबकि अंकित व नीरज को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की थी। बीते वीरवार को दोनों का रिमांड पूरा होने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया। आरोपी अंकित व नीरज से पूछताछ के बाद विजिलेंस ने अमर विहार कॉलोनी निवासी संदीप को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से दस लाख रुपये बरामद हुए थे। शनिवार को उसका रिमांड पूरा होने पर उसे न्यायिक हिरासत भेजा गया। शनिवार देर शाम गुप्त सूचना के आधार पर करनाल विजिलेंस ने डीटीओ सुभाष चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मंथली लेने का आरोप लगने के बाद आरोपी डीटीओ सुभाष चंद व उसके दलालों पर विजिलेंस पहले ही केस दर्ज कर चुकी है।
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हरियाणा की गाड़ी से नौ हजार, दूसरे राज्यों की गाड़ियों से लेते थे 15 हजार रुपये मंथली
डीटीओ के नाम पर वाहन चालकों से मंथली लेने के आरोप में विजिलेंस ने आरोपी दलालों सहित डीटीओ डा. सुभाष चंद्र पर भी केस दर्ज किया है। विजिलेंस ने आरटीओ कार्यालय में दबिश दी तो वहां से डीटीओ समेत सभी अधिकारी गायब मिले। तभी से डीटीओ का मोबाइल नंबर भी बंद था। उसने कार्यालय आना बंद कर दिया था। हालांकि पूछताछ के दौरान कथित दलालों ने डीटीओ के नाम पर रुपये लेने के बात कबूली थी। पूछताछ में सामने आया था कि ये कथित दलाल ओवरलोड वाहनों को निकलवाने के नाम पर ट्रांसपोर्टरों से वसूली करते थे। हरियाणा की गाड़ी निकालने के लिए नौ हजार रुपये प्रतिमाह व दूसरे राज्य के नंबर वाली गाड़ी के लिए 15 हजार रुपये प्रति माह मंथली फिक्स की हुई थी। डीटीओ की गिरफ्तारी से पूरे मामले की कड़ियां खुलने की संभावना है।
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वर्जन
करनाल विजिलेंस इंस्पेक्टर सचिन ने बताया कि डीटीओ डा. सुभाष चंद्र को शनिवार देर शाम को गिरफ्तार कर लिया गया है। रविवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। जहां से उसे रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे पता किया जाएगा कि ओवरलोड वाहनों से वसूली गई रकम कहां-कहां बंटती थी। उसमें किस-किस का हिस्सा था। आरोपी डीटीओ से पूछताछ की जा रही है।
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