संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। टिंबर फर्म से फैक्टरी में भेजी लकड़ी के फर्जी बिल तैयार कर 2.17 लाख रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक को गिरफ्तार कर लिया। उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
थाना शहर जगाधरी प्रभारी विरेंद्र सिंह ने बताया कि जगाधरी के पत्थरावाला बाजार निवासी सचिन मित्तल ने शिकायत दी थी कि उनकी बूड़िया चौक पर वैदिका टिंबर ट्रेडर्स के नाम फर्म है। फर्म का जगाधरी लकड़ मंडी में लकड़ी की खरीद-फरोख्त का काम हैं। अनुज की ट्रैक्टर-ट्रॉली में लकड़ी अलग-अलग जगह भेजते थे। इसका अनुज को किराया देते थे।
फर्म से 25 जुलाई को मेट्रो डेकोरेटिव प्राइवेट लिमिटेड में लकड़ी भेजी गई, जो ट्रैक्टर-ट्रॉली में चालक बिट्टू ले गया था। मेट्रो डेकोरेटिव प्राइवेट लिमिटेड में बिट्टू को अनुज मिला। अनुज ने बिट्टू से बिल व माल के कांटे की पर्ची ले ली और कहा कि पर्ची में जो आठ क्विंटल की काट लगी है, वह उसे जानकारी का फायदा उठाकर कम करवा लेगा।
बिट्टू ने अनुज को बिल व कांटा पर्ची दे दिए। बाद में अनुज ने फोन कर कहा कि कांटा पर्ची में काट कम नहीं हो सकी और व्हाट्सएप पर कांटा पर्ची की फोटो भेज दी। अनुज ने असल पर्ची अपने पास रख ली थी। ऐसा ही अनुज ने 26 जुलाई को फर्म से मेट्रो डेकोरेटिव प्राइवेट लिमिटेड में लकड़ी भेजने पर किया।
मामला तब खुला जब आठ अगस्त को मेट्रो डेकोरेटिव प्राइवेट लिमिटेड से काॅल आया। इस बारे में अनुज से बात की तो वह पत्नी बीना, सीता व विकास के साथ मिलकर झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगा। इस शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच करते हुए आरोपी अनुज को गिरफ्तार किया है।