संतनगर और छोटी लाइन में सवा माह से दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। हैंडपंपों का शोरायुक्त पानी पीकर बच्चे बीमार हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
अब लोग सोमवार को डीसी से शिकायत करेंगे। लोगों का कहना है कि यदि समाधान नहीं हुआ तो वे भूख हड़ताल या धरना प्रदर्शन करेंगे।
संत नगर निवासी अशोक ओबराय, रमा देवी, मीना कुमारी, शीला देवी, स्वर्ण लता, राकेश कुमार, सुनील कुमार व मोहित ने बताया कि क्षेत्र में लगाया गया ट्यूबवेल खराब है जिससे दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। छोटी लाइन, संतनगर, रादौर रोड, देवी मंदिर कॉलोनी सहित आसपास के क्षेत्र के करीब पांच सौ घरों में सवा माह से बदबूदार पानी आ रहा है।
करीब पांच हजार लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को घरों व आसपास लगे हैंडपंपों के शोरायुक्त पानी से काम चलाना पड़ रहा है। इससे कई लोगों और बच्चों को पेट दर्द, दस्त, उल्टियां और अन्य पेट की बीमारियां हो रही हैं। लोगों ने पंचकूला हेल्पलाइन में ऑनलाइन शिकायत भी की। उसके बाद संबंधित एसडीओ और अन्य अधिकारियों को शिकायत दी लेकिन समाधान नहीं हुआ।
पीना तो दूर नहाया भी नहीं जाता
कॉलोनी वासी हरविंद्र सिंह उर्फ बबलू ने बताया कि कॉलोनी में मिट्टी व रेत युक्त गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है जिसे पीना तो दूर की बात इसमें नहाना और कपड़े धोना भी संभव नहीं।
मेहमानों के लिए खरीदकर लाते हैं पानी की बोतल
पूजा ने बताया कि घरों में सप्लाई होने वाला पानी न पीने और न ही अन्य घरेलू कार्य में इस्तेमाल किया जा सकता है। गर्मी में बिन पानी कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। यदि कोई मेहमान घर आ जाते है तो उसके लिए वह बाजार से पानी की बोतल खरीद कर लाते है।
ऑनलाइन शिकायत पर भी समाधान नहीं
तरुण सेठ ने बताया कि सच्चा सौदा मार्केट व गरीब बस्ती पर लगे नलकूप से कॉलोनी में पीनी की सप्लाई होती है किंतु करीब एक माह दस दिन से घरों में गंदा पानी आ रहा है। इसको लेकर उन्होंने 20 मई को विभाग के पंचकूला हेल्पलाइन नंबर से शिकायत की थी। इस पर उन्हें -79590 शिकायत नंबर जारी किया गया था। इसके बाद कर्मचारी मौके पर आए। लाइन के फाल्ट को जांचने के लिए कर्मी गड्ढे कर चले गए लेकिन समाधान नहीं हुआ।
विभाग के कानों पर नहीं रेंग रही जूं
लवली ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने 25 मई को एसडीओ कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया था और कार्यालय में लिखित में शिकायत दी थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। उसके बाद भी उन्होंने समाचार पत्र व अन्य माध्यमों से विभाग को जगाने का प्रयास किया, लेकिन विभाग के कानों जू नहीं रेंगती।
डी. क्लास श्रेणी के कर्मचारी भेज कर रहे इतिश्री
चांद रानी ने बताया कि शिकायतों के बाद कुछ डी. श्रेणी के कर्मचारी कॉलोनी में आए। लाइन के फाल्ट को जांचने के लिए कर्मी गड्ढे कर चले गए, किंतु समस्या का समाधान नहीं किया गया। मजबूरन शोरायुक्त पानी पीने से उनकी कॉलोनी के पीयूष ओबराय सहित अन्य बच्चे पेट की बीमारियों से परेशान हैं।
समस्या देख चले जाते हैं
सरोज बाला ने कहा कि कॉलोनी में एक-दो बार कर्मचारी आए लेकिन उनके साथ अधिकारी नहीं आए। कभी कभार अधिकारी आते हैं और समस्या को देख चले जाते हैं, लेकिन उसका स्थायी समाधान नहीं किया जाता।
इन इलाकों में पानी सप्लाई करने वाले एक ट्यूबवेल से रेतयुक्त पानी की सप्लाई हो रही है। गंदे पानी के समाधान के लिए कॉलोनी से कई अवैध कनेक्शन कटवाए गए, जो नालियों से निकल रहे थे। विभाग प्रयासरत है कि लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
सुमित गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग।