संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुनानगर व जगाधरी शहर के नालों की सफाई का पहला चरण पूरा होने के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। नगर निगम की ओर से दावा किया गया था कि पहले चरण में प्रमुख नालों की सफाई कर दी जाएगी, लेकिन शहर के कई हिस्सों में नाले अब भी गाद और कचरे से अटे पड़े हैं। दूसरे चरण की शुरुआत 15 जुलाई तक होनी है। अभी तक यह कार्य पार्षदों की फीडबैक के आधार पर शुरू नहीं हो पाया है।
जगाधरी क्षेत्र में जहां कुछ स्थानों पर सफाई कार्य चल रहा है, वहीं कई नालों की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है। शक्ति नगर में चार दिन पहले सफाई के बावजूद नाले में फिर से गाद जमा दिखाई दी। राजेश नगर कॉलोनी में नाले पूरी तरह गंदगी से अटे पड़े मिले। बर्तन बाजार का मुख्य नाला तो पूरी तरह जाम स्थिति में देखा गया, जबकि दुर्गा गार्डन क्षेत्र का नाला भी अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 32 बड़े और मीडियम आकार के नाले हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 58 किलोमीटर है। इसके अलावा शहर में 340 छोटी ड्रेन भी हैं, जिनकी लंबाई करीब 134 किलोमीटर बताई जाती है। निगम द्वारा बड़े नालों की सफाई पर लगभग दो करोड़ रुपये तथा छोटी ड्रेन की सफाई पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद नालों की स्थिति में बड़ा सुधार नहीं दिख रहा है।
जेटिंग मशीनें भी नहीं खरीदीं
भूमिगत नालों की सफाई के लिए प्रस्तावित तीन जेटिंग मशीनें अब तक खरीदी नहीं जा सकी हैं। नगर निगम सदन की बैठक में इन मशीनों की खरीद को मंजूरी दी गई थी। जेटिंग मशीन एक आधुनिक तकनीक है, जिसका उपयोग सीवर लाइन, ड्रेनेज पाइप और नालों में जमी गाद, मिट्टी, प्लास्टिक और अन्य अवरोधों को हटाने के लिए किया जाता है। यह मशीन हाई प्रेशर पानी की तेज धार को पाइपों में छोड़ती है, जिससे जमा गंदगी टूटकर बह जाती है और नाले पूरी तरह साफ हो जाते हैं। इसमें पानी का बड़ा टैंक, उच्च दबाव वाला पंप और लंबी लचीली होज पाइप होती है, जिसे सीवर लाइन के भीतर डालकर सफाई की जाती है।
30 से अधिक जगह जलभराव का खतरा
शहर का सबसे प्रमुख नाला जगाधरी से शुरू होकर यमुनानगर की एक दर्जन से अधिक कॉलोनियों से गुजरते हुए पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचता है। इस नाले की समय पर सफाई न होने से हर साल बारिश के दौरान गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जगाधरी के गौरी शंकर कॉलोनी मंदिर क्षेत्र, देवी भवन बाजार, श्मशान घाट रोड, सिविल लाइन, गांधी धाम और मटका चौक से बर्तन बाजार तक हर मानसून में सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। वहीं यमुनानगर शहर के प्रोफेसर कॉलोनी, स्वामी विवेकानंद स्कूल के आसपास, एफसीआई गोदाम क्षेत्र और बस स्टैंड के निकट लाजपत नगर सहित कई इलाकों में नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे गंदा पानी सीधे लोगों के घरों और दुकानों में घुस जाता है, जिससे आमजन को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
नालों की सफाई तीन चरण में करनी है। जिसका पहला चरण पूरा हो गया है। पार्षदों ने भी सफाई पर संतुष्टि जताई है। नालों की सफाई का कार्य पहली बार सालभर किया जाएगा। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
जगाधरी के राजेश नगर कॉलोनी में गंदगी से अटा नाला। संवाद
जगाधरी के राजेश नगर कॉलोनी में गंदगी से अटा नाला। संवाद