संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्विनसिटी यमुनानगर-जगाधरी में नालों की सफाई को लेकर नगर निगम के दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। जनवरी में नालों की सफाई, अवैध कब्जे हटाने और क्षतिग्रस्त नालों की मरम्मत को लेकर योजनाएं बननी शुरू हुई थीं। अधिकारियों ने लगातार फरवरी के पहले सप्ताह से सफाई अभियान शुरू कराने का दावा किया था, लेकिन मई माह के आखिर तक भी शहर के अधिकांश नालों की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शहर के मॉडल टाउन, शक्तिनगर, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी और कैंप क्षेत्र सहित कई इलाकों में नालों पर वर्षों से अवैध कब्जे बने हुए हैं। बरसात के दिनों में यही कब्जे पानी की निकासी में सबसे बड़ी बाधा बनते हैं। नतीजतन नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं और आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है।
नगर निगम की ओर से इन कब्जों को हटाने और नालों की चौड़ाई बहाल करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दी। दूसरी ओर, शहर के कई नाले क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। जगह-जगह टूटे स्लैब, धंसी दीवारें और जाम निकासी व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। नगर निगम ने सफाई के साथ-साथ मरम्मत कार्य कराने की भी योजना बनाई थी, लेकिन अधिकांश स्थानों पर मरम्मत कार्य शुरू तक नहीं हो पाया।
शहरवासी राजिंद्र, नमन, विकास का कहना है कि मौसम का मिजाज अब पहले जैसा नहीं रहा। मानसून शुरू होने से पहले भी तेज बारिश होने लगी है। ऐसे में केवल मानसून सीजन का इंतजार करना भारी पड़ सकता है। यदि समय रहते नालों की सफाई और अवैध कब्जे नहीं हटाए गए तो इस बार शहर को गंभीर जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
नालों में जमा गाद, प्लास्टिक कचरा और झाड़ियां पानी की निकासी रोक देती हैं। सफाई कार्य केवल औपचारिकता बनकर रह गया है, जबकि जरूरत जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई की है। नियमित सफाई न होने के कारण कई नाले पूरी तरह कचरे से अटे पड़े हैं। अब तक तो एक बार सभी नालों की सफाई हो जानी चाहिए थी।
जगाधरी क्षेत्र में गौरी शंकर कॉलोनी मंदिर, देवी भवन बाजार, श्मशान घाट रोड, सिविल लाइन, गांधीधाम और मटका चौक से बर्तन बाजार तक हर साल जलभराव की स्थिति बनती है। वहीं यमुनानगर में प्रोफेसर कॉलोनी, स्वामी विवेकानंद स्कूल के पास का क्षेत्र, एफसीआई गोदाम और बस स्टैंड के आसपास बारिश के दौरान हालात बिगड़ जाते हैं। नाले ओवरफ्लो होने से गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच जाता है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है।
नालों की सफाई के लिए लिए एजेंसी को कार्य दे दिया गया है। मैं खुद आयुक्त के साथ नालों की स्थिति का जायजा ले चुकी हूं। मानसून से पहले सभी नालों की सफाई करवा दी जाएगी। - सुमन बहमनी, मेयर यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।
अग्रसेन चौक के पास गंदगी से अटा नाला। संवाद