शहर के कांसापुर, जोड़ियां, फर्कपुर समेत साथ लगती दर्जनभर कॉलोनियों व गांवों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। क्षेत्र के करीब डेढ़ लाख बाशिंदों की 30 वर्ष पुरानी निकासी की समस्या के छुटकारा दिलाने हेतु जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग 47 करोड़ रुपये से सीवरेज लाइन डालेगा। प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विभाग तमाम औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटा है।
विभाग की मानें तो अप्रैल में सरकार से पहली किश्त आते ही काम शुरू हो जाएगा।
बता दें कि जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग ने कांसापुर, फर्कपुर, मंडेबर, जामपुर, मंडेबरी, जोड़ियां, ससौली, भूतमाजरा, पताशगढ़, इशोपुर, औरंगाबाद, खेड़ी रांगडान में सीवरेज लाइन डालने हेतु सर्वे कर प्रोजेक्ट बनाया और इस कार्य के लिए करीब 47 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया। विभाग की ओर से प्रोजेक्ट को प्रदेश सरकार के पास भेजा गया, जहां से अब प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रदेश सरकार की ओर से अप्रैल के पहले सप्ताह में बजट की पहली किश्त भेज दी जाएगी। इसके बाद विभाग सीवरेज लाइन डालने के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर देगा।
लगेंगे दो एसटीपी, नगर निगम से मांगी जगह
जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग की ओर से उक्त कॉलोनियों व गांवों के गंदे पानी की निकासी कर यमुना नहर में छोड़ा जाना है, किंतु नहर में छोडने से पूर्व गंदे पानी को ट्रीट करना जरूरी है। इसी के मद्देनजर विभाग की ओर से क्षेत्र में दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) भी लगाए जाएंगे। इसके तहत खेड़ी रांगडान व पंजेटो के माजरा के पास ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना है। इसके लिए विभाग ने नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी को भी पत्र लिखा है, जिसमें प्लांट लगाने के लिए जगह देने की मांग की गई है।
जरा-सी बरसात से ही गलियां हो जाती हैं जलमग्न
क्षेत्रवासी राज कुमार, सुरेश कुमार व दलजीत सिंह ने बताया कि क्षेत्र के नगर निगम के अंतर्गत आने के बावजूद वर्षों से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई। कॉलोनियों और गांवों में नालियां जरूर बनी हुई हैं, लेकिन आगे गंदे पानी की निकासी की सही व्यवस्था नहीं है। इससे खासकर बरसात में जलभराव की समस्या रहती है। जरा-सी बरसात से ही अधिकतर गलियां जलमग्न हो जाती हैं और कई दिनों तक गलियों व खाली प्लॉट में पानी जमा रहता है। इससे मक्खी व मच्छर पनपते हैं और दुर्गंध भी फैलती है। इन्हीं परेशानियों के चलते लोग लंबे अर्से से सीवरेज लाइन डालने की मांग कर रहे हैं।
30 साल पुरानी समस्या का होगा निदान : कर्मवीर
नगर निगम के वार्ड नंबर-18 से पार्षद कर्मवीर सेठी ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को प्रोजेक्ट पूरा होने पर 30 साल पुरानी जलभराव की समस्या से छुटकारा मिलेगा। क्षेत्रवासियों ने कुछ समय पहले ही अपनी समस्या मुख्य संसदीय सचिव एवं हलका विधायक श्याम सिंह राणा के समक्ष रखी थी। उन्होंने जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था और संबंधित अधिकारियों को इसके लिए दिशा-निर्देश दिए थे। इसके बाद विभाग की ओर से यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया है। प्रदेश सरकार की ओर से यह प्रोजेक्ट पास हो गया है और उम्मीद है कि जल्द इस पर काम शुरू होगा। क्षेत्र के लोग मुख्यमंत्री व मुख्य संसदीय सचिव के आभारी है, जो काम 30 साल में नहीं हुआ, वह भाजपा सरकार के कार्यकाल में डेढ़ साल में हो रहा है।
वर्जन
प्रोजेक्ट बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। इस पर करीब 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही सीवरेज के पानी को ट्रीट करने हेतु दो एसटीपी लगाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम को जमीन मुहैया कराने संबंधित पत्र लिखा है। उनका प्रयास है कि जल्द काम शुरू करवा दिया जाए।
समीर शर्मा, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग, यमुनानगर।