संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रोफेसर कॉलोनी में प्लाईवुड कारोबारी की पत्नी पायल पर पड़ोसी के रॉटविलर नस्ल के कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते ने उसके हाथ में काट लिया। आरोप है कि पड़ोसी कुत्ते को खुला छोड़कर रखता है। शहर थाना पुलिस ने कुत्ते के मालिक राजीव पर केस दर्ज कर लिया है।
शिकायत में विनोद कुमार ने बताया कि उनके पड़ोसी राजीव ने घर पर रॉटविलर (जर्मन) नस्ल का कुत्ता पाल रखा है। कुत्ता बहुत खूंखार है। कॉलोनी के लोगों ने मालिक राजीव से कई बार कुत्ते को बांधकर रखने या कहीं छोड़ कर आने की बात कही। वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। शुक्रवार की शाम वह अपनी पत्नी पायल के साथ घर के बाहर गली में खड़ा था। उसी समय राजीव मलिक का कुत्ता घर से बाहर आया और उसकी पत्नी के दाहिने हाथ पर काट दिया।
जब उसकी पत्नी ने हाथ को झटका तो कुत्ता उसकी बाजू पर हमला करने लगा। उसने पत्नी को कुत्ते के चंगुल से किसी तरह छुड़ाया। वह तुरंत पत्नी को अस्पताल ले गया। वहां उसे उपचार दिया गया। आरोप है कि अक्सर कुत्ते को उसका मालिक राजीव खुला छोड़ जाता है। उन्होंने कई बार उसे कुत्ता खुला न छोड़ने व उसे कहीं और छोड़कर आने को कहा। वह नहीं मानता और अपने कुत्ते को खुला छोड़ देता है।
शहर थाना प्रभारी जगदीश चंद्र का कहना है कि आरोपी कुत्ता मालिक राजीव पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 291 के तहत केस दर्ज कर लिया है। कुत्ता रॉटविलर नस्ल का है या नहीं, इसके बारे में पता लगाया जाएगा। मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
कुत्तों के मुख्य हमले
पहला हमला - बीती 19 मार्च को कांसापुर में तीन घंटे तक एक पिटबुल कुत्ते की दहशत रही थी। कुत्ते ने आईटीआई कॉलोनी से स्कूल छोड़ने जा रहे ऑटो चालक राजेंद्र को जख्मी कर दिया था। साथ ही ऑटो में सवार दो बच्चों और महिला पर भी हमला किया किया था। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद नगर निगम, पशुपालन विभाग, फर्कपुर व गांधी नगर थाना पुलिस ने उसे टीके लगाकर काबू किया था।
दूसरा हमला - 15 फरवरी 2022 को जम्मू कॉलोनी में पिटबुल नस्ल के दो कुत्तों ने अपने ही मालिक जम्मू कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय नरेंद्र सिंह उर्फ निंदा को नोच-नोचकर मार डाला था। उसे बचाने के लिए कॉलोनी के प्रदीप व रविंद्र पहुंचे, तो कुत्तों ने उन्हें भी काट खाया था।
तीसरा हमला - 25 जून 2023 को प्रताप नगर क्षेत्र के ताजेवाला गांव में 10 खूंखार कुत्तों ने सुरेश कुमार के बाड़े में बंधी भेड़ों व बकरियों पर हमला बोल दिया था। घर के पास बनाए बाड़े में उसने 80 भेड़ व बकरियां रखी थी। सुरेश ने शोर मचाकर गांव के लोग एकत्र कर लिया था। जब तक कुत्तों को भगाया जाता। तब तक कुत्तों ने 47 भेड़ों व छह बकरियों को जख्मी कर दिया था। इनमें से 32 भेड़ों व छह बकरियों की मौत गई थी।