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Yamuna Nagar News: चिकित्सकों ने की दो घंटे हड़ताल, मरीज बेहाल

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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग के जिले में करीब 90 डॉक्टर शनिवार को हड़ताल पर रहे। सुबह नौ से 11 बजे तक डॉक्टरों ने मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल, सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी, सीएचसी और पीएचसी में मरीजों का चेकअप नहीं किया। डॉक्टरों की हड़ताल से मरीज बेबस दिखे। हड़ताल की जानकारी न होने से मरीज कुर्सी पर बैठ कर तो कभी यहां वहां टहल कर हड़ताल खत्म होने का इंतजार करते रहे।
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉक्टर विपिन गोंदवाल के नेतृत्व में सभी डॉक्टर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए और सरकार से लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो जल्द ही बैठक कर सख्त निर्णय लिया जाएगा।
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इससे पहले सुबह साढ़े आठ बजे ही जिला नागरिक अस्पताल, सीएचसी व पीएचसी में मरीज पहुंच गए थे। मरीजों में इसलिए भी गुस्सा देखने को मिला कि ओपीडी की पर्ची बनाने के दौरान उन्हें हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं दी गई। पर्ची कटने के बाद मरीज डॉक्टरों के केबिन के बाहर इंतजार करने को मजबूर हो गए। वहीं काफी मरीज तो हड़ताल का पता लगने पर पर्ची कटने के बाद वापस चले गए। जिला अस्पताल में रोजाना करीब 1500 मरीजों की ओपीडी होती है। सुबह 11 बजे तक यहां 250 पर्ची बन चुकी थी, जिसमें से करीब आधे मरीज बिना दवा और उपचार के ही वापस लौट गए।
सरकार पूरी नहीं कर रही मांगें : विपिन गाेंदवाल
हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉक्टर विपिन गोंदवाल ने बताया कि यमुनानगर में 90 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इस दौरान दो घंटे के लिए ओपीडी बंद रखी गई। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व सरकार से बातचीत होने के बाद मांगों पर सहमति बन गई थी। फिर भी आज तक किसी मांग को पूरा नहीं किया गया है। सभी जिला व राज्य प्रधान के साथ जल्द बैठक होगी, जिसमें मांगें पूरी नहीं होने पर सख्त निर्णय लिया जाएगा।

हड़ताल से पूरा दिन खराब हो गया : नरेश
गूगलों गांव के नरेश कुमार ने बताया कि वह अपनी पत्नी रमिता रानी की दवाई लेने के लिए आया था। पत्नी के पेट में इंफेक्शन है। उसका उपचार जिला नागरिक अस्पताल में ही चल रहा है। पर्ची तो बन गई लेकिन डॉक्टर सीट पर नहीं थे। दो घंटे तक डॉक्टर का इंतजार किया। डॉक्टरों की हड़ताल के कारण उनका पूरा दिन खराब हो गया।

पर्ची बनाते समय भी नहीं बताया : भूपेंद्र
कैंप निवासी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डेढ़ घंटे से डॉक्टर से चेकअप के लिए बाहर बैठे हैं। वह अपनी दवाई लेने के लिए अस्पताल में आए थे। जब वह पर्ची बनवा रहा थे तब भी किसी कर्मचारी ने नहीं बताया कि आज डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर हैं। ओपीडी दो घंटे की देर से शुरू होने से काफी परेशानी हुई।

अस्पताल में कोई सुनने वाला नहीं था : सोहन
मानीपुर गांव के सोहन सिंह ने बताया कि पहले तो किसी ने हड़ताल के बारे में नहीं बताया। इसके बाद ओपीडी के बाहर बैठा कर्मचारी उनकी पर्ची भी नहीं ले रहा था। बाद में वह उठ कर चला गया। अस्पताल में कोई सुनने वाला नहीं था। लोग अपना काम छोड़ कर यहां दवाई लेने आए और यहां डॉक्टर ही नहीं हैं।

प्रतापनगर के प्रेम चंद ने बताया कि उसे दमा की बीमारी है। वह साथ में अपने परिजन को लाया था, लेकिन सुबह से दवाई के इंतजार में बैठे हैं। डॉक्टरों की हड़ताल के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए सुबह ही अस्पताल में आ गए थे। यदि पता होता कि डॉक्टर दो घंटे की हड़ताल पर हैं तो उसी हिसाब से घर से चलते। बेवजह अस्पताल में परेशान तो नहीं होना पड़ता।

रद्द हो गई थी हड़ताल : दिव्या मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि उच्चाधिकारियों से बातचीत के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले ली थी, इसलिए हड़ताल का कोई असर नहीं दिखा। मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरी व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई थी।
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साढौरा में होती रही ओपीडी

साढौरा। सीएचसी साढौरा में एसएमओ डॉ. अमरीश मंगला के अलावा कोई डॉक्टर नहीं है। वह अस्पताल में अकेले ही मरीजों की ओपीडी देखते हैं। एसएमओ हड़ताल में शामिल नहीं थे, इसलिए साढौरा में हड़ताल का कोई असर नहीं हुआ। सुबह से उन्होंने 173 मरीजों की ओपीडी में जांच की।
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