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Yamuna Nagar News: ऑडियोमेट्री मशीन को चलाना भूले डॉक्टर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। स्वास्थ्य विभाग ने 10 साल से लोगों के बहरेपन की जांच करने के लिए सात लाख रुपये से ऑडियोमेट्री मशीन खरीदी थी। विभाग की लापरवाही से डॉक्टर इस मशीन को एक कोने में रख कर इसे खोलना ही भूल गए। यह मशीन मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल के स्टोर में धूल फांक रही थी। वहीं मरीजों को दूसरे जिलों में धक्के तो खिलाए गए।
ऑडियोमेट्री टेस्ट व्यक्ति की सुनने की क्षमता को जानने के लिए की जाने वाली जांच है। इससे आवाज की तीव्रता का पता लगाते हैं। मेडिकली इसे प्योर टोन ऑडियोमेट्री कहते हैं। पांच साल से अधिक उम्र का बच्चा और व्यक्ति बोले गए शब्दों को न सुन पाए तो यह टेस्ट किया जाता है। जिले में काफी लोग ऐसे हैं जोन कान से पूरी तरह से सुन नही सकते या फिर उन्हें ऊंचा सुनता है। जो बच्चे व बड़े सुन नहीं सकते ,उन्हें सरकार की तरफ से पेंशन भी दी जाती है।
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लोग मेडिकल कराने के लिए बड़ी संख्या में मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचते हैं। परंतु ऑडियोमेट्री टेस्ट न होने के कारण उन्हें पंचकूला रेफर किया जा रहा था। कई बार पेंशन के लिए कुछ न सुनने की बात भी लोग कहते हैं। ऐसे में साउंड प्रूफ कमरे में उनके ऑडियोमेट्री टेस्ट किए जाते हैं। इससे पता चल जाता है कि मरीज को कितना सुनाई देता है।
जिले में ऑडियोमेट्री टेस्ट की सुविधा न होने का मामला पिछले दिनों जन संवाद में भी उठा था। गांव मंसूरपुर की रेखा रानी ने जन संवाद में बताया था कि जिले में ऑडियोमेट्री टेस्ट नहीं हो रहे। इससे लोग काफी परेशान हैं। यह मामला मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला के संज्ञान में आया तो उन्होंने अस्पताल में इसके बारे में पता किया।
जांच में पता चला कि करीब 10 साल पहले स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के लिए ऑडियोमेट्री मशीन खरीदी थी। इसमें बैरा, एएसएसआर, ओएई उपकरण थे। यह मशीन करीब सात लाख रुपये से उस वक्त खरीदी गई थी। यह मशीन किसी भी ईएनटी डॉक्टर के पास नहीं थी। पड़ताल करने पर यह मशीन अस्पताल के स्टोर में पड़ी मिली।
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जल्द मरीजों के टेस्ट किए जाएंगे : डॉ. मंगला
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि ऑडियोमेट्री मशीन करीब 10 साल पहले विभाग ने सात लाख रुपये से खरीदी थी। किसी ने भी इसका प्रयोग नहीं किया। अब मशीन के बारे में पता चला है तो इसे सिविल सर्जन कार्यालय में बनाए गए एक केबिन में रखवा दिया है। जल्द ही इस मशीन से मरीजों के टेस्ट किए जाएंगे।
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