संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 1.29 करोड़ रुपये से अधिक की बीमा राशि चुकाने का आदेश दिया है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि बीमा कंपनी ने बिना ठोस आधार के दावा खारिज किया।
जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग के सहायक रजिस्ट्रार नीरज वालिया ने बताया कि यह मामला जगाधरी निवासी नितिन गोयल से जुड़ा है, जिनकी मृत्यु 29 जून 2023 को हुई थी। गोयल ने एक्सिस बैंक से ओवरड्राफ्ट सहित कई ऋण सुविधाएं ली थीं, जिनकी सुरक्षा के लिए एचडीएफसी लाइफ (तत्कालीन एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ) के साथ चार बीमा पॉलिसियां जारी की गई थीं।
इन पॉलिसियों के तहत कुल बीमा राशि लगभग 1,29,99,950 रुपये थी। नितिन गोयल की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी पायल गोयल ने नामांकित लाभार्थी होने के नाते बीमा दावा प्रस्तुत किया। बीमा कंपनी ने तर्क दिया था कि नितिन गोयल ने पॉलिसी लेते समय कोविड-19 संक्रमणजानकारी छिपाई थी।
कंपनी का कहना था कि यदि यह जानकारी दी जाती, तो जोखिम मूल्यांकन अलग होता और पॉलिसी की शर्तें बदल सकती थीं। आयोग ने पाया कि कंपनी यह साबित नहीं कर सकी कि बीमित व्यक्ति वास्तव में पॉलिसी लेने से पहले कोविड-19 से पीड़ित थे या नहीं।