संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रटौली गांव में गुरुद्वारे के लंगर भवन को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को समाप्त हो गया। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत को वापस ले लिया। इस पर प्रशासन ने लंगर भवन को ध्वस्त करने की कार्रवाई को रोक दिया है। साथ ही आश्वासन भी दिया है कि अब पैमाइश भी नहीं होगी। इस पर गुरुद्वारा कमेटी ने आभार व्यक्त किया है।
गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सरदार अवतार सिंह ने बताया कि 20 साल पहले गुरुद्वारे के पीछे लगती जमीन पर लंगर हाॅल का निर्माण किया गया था। वर्ष 2011 में शहरी संपदा विभाग ने आसपास की जमीन का अधिग्रहण किया था। अवतार सिंह का कहना है कि गुरुद्वारे की करीब 726 वर्ग गज जमीन को गलत तरीके से शहरी संपदा में चढ़ा दिया गया है। इस मामले को लेकर एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी।
विभाग ने लंगर भवन को ध्वस्त करने का नोटिस जारी कर दिया था। बीते दो नवंबर को इस इस संबंध में गुरुद्वारा कमेटी की बैठक हुई थी। जिसमें नोटिस का विरोध करने का निर्णय लिया गया था। सोमवार को कार्रवाई के लिए टीम मौके पर पहुंचनी थी। लेकिन, टीम नहीं पहुंची। कमेटी के प्रधान अवतार सिंह ने बताया कि विभाग की ओर से फोन आया था कि शिकायतकर्ता ने शिकायत को वापस ले लिया है। अब लंगर भवन न ध्वस्त किया जाएगा और न ही कोई पैमाइश की जाएगी।