सदर थाना क्षेत्र के गांव दामला में पंचायती जमीन पर निर्माणाधीन मंदिर को लेकर विवाद हो गया। विवाद के बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस दौरान कुछ लोगों ने एक क्लीनिक में घुसकर तोड़ फोड़ कर डॉक्टर से मारपीट की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग करते हुए लोगों को खदेड़ दिया।
इससे गुस्साए ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और पुलिस के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। इसके बाद वहां पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। दोनों पक्षों के बीच में हुए विवाद में कुछ लोग चोटिल भी हुए है। विवाद के चलते पुलिस ने मंदिर के निर्माण कार्य को रुकवा दिया। सदर पुलिस ने क्लीनिक संचालक की शिकायत पर एक पक्ष के कुछ लोगों पर केस दर्ज किया है। उधर, कार्यवाहक सरपंच ने भी चार लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
समझाने पर चाकूनुमा हथियार से हमला कर किया घायल
दामला में एक मंदिर निर्माण को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। दामला पंचायत के निर्वतमान कार्यवाहक सरपंच राजेश कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि दामला में पिछले 50 सालों से मंदिर बलदेव सहाय स्थित है। यहां पर कुछ लोग मंदिर की इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। वीरवार को चार लोग मंदिर के पास खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। जब उसने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो वे लोग तैश में आ गए और चाकूनुमा तेज हथियार लहराते हुए मारने दौड़े। इस दौरान आरोपियों ने उसे धमकाया। जब उसने अपने बचाव में हाथ ऊपर किए तो यह हथियार उसके बाएं हाथ पर लगा और वह नीचे गिर गया। इस दौरान इन लोगों ने उसकी छाती पर डंडा मारा। भविष्य में देख लेने की धमकी दी। मौके पर मौजूद ग्रामीण उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां उसे दाखिल करवाया गया।
क्लीनिक में घुसकर की तोड़फोड़, दो लोगों को किया घायल:
वहीं गांव दामला निवासी मोहित अग्रवाल ने सदर पुलिस को शिकायत दी है कि उसका दामला में अग्रवाल क्लीनिक है। वे सुबह अपने ताऊ राधेश्याम के साथ क्लीनिक पर बैठकर मरीजों को दवाइयां दे रहे थे। तभी वहां पर गांव के अमित, अजय, विशाल सिंगला, सन्नी सिंगला, रविंद्र कुमार और अन्य अपने हाथों में हथियार लेकर आ गए। उन्होंने उन पर हमला कर दिया। वहां पर तोड़फोड़ की। इसमें अस्पताल के शीशे, कुर्सी, बीपी मशीन समेत अन्य सामान टूट गया। अनुप और घनश्याम ने उन्हें बचाया। इस दौरान आरोपियों ने हमला कर घायल कर दिया। इसके बाद आरोपी उन्हें धमकी देकर फरार हो गए। इस शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़, समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया है। सदर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि पुलिस ने मंदिर निर्माण कार्य य निशानदेही के बाद स्थिति स्पष्ट होने तक रुकवाया है। लोगों को समझाकर शांत किया गया। पुलिस ने किसी तरह का बल प्रयोग नहीं किया। क्लीनिक संचालक की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया गया है। जबकि निवर्तमान कार्यवाहक सरपंच की शिकायत की जांच की जा रही है। एसएचओ ने कार्यवाहक सरपंच के आरोप निराधार बताए। वीरवार को शाम चार बजे रादौर तहसीलदार की मौजूदगी में निशानदेही करवाई जा रही है।