संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 में शहर की रैंकिंग बेहतर करने के उद्देश्य से नगर निगम प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को नगर निगम आयुक्त महाबीर प्रसाद ने निगम अधिकारियों की बैठक लेकर स्वच्छ सर्वेक्षण की टूलकिट में शामिल बिंदुओं पर विस्तार से मंथन किया और ठोस रणनीति तय की।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने का अवसर है, जिसे गंभीरता से लेना होगा।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के सलाहकार लोकेश सेन ने पीपीटी के माध्यम से स्वच्छ सर्वेक्षण 2025 की टूलकिट और अंकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार कुल 12,500 अंकों में मूल्यांकन किया जाएगा।
इसमें 10,500 अंक जमीनी स्तर पर किए गए कार्यों और नागरिक सहभागिता से जुड़े होंगे। 1,000-1,000 अंक कचरा मुक्त शहर, ओडीएफ प्लस-प्लस और वाटर प्लस श्रेणियों के लिए निर्धारित हैं। जमीनी स्तर पर स्वच्छता, कचरा पृथक्करण, संग्रहण व परिवहन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक फीडबैक और शिकायत निवारण को प्रमुखता दी जाएगी।