जगाधरी। शहर की सरकार बनने के बाद भाजपा खेमे में वरिष्ठ उपमहापौर और उप महापौर के पदों की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। माना जा रहा है कि मेयर व पार्षदों के शपथ ग्रहण के बाद ही वरिष्ठ उपमहापौर व उपमहापौर के पदों के लिए पार्षदों के नाम पर मुहर लग सकती है। माना जा रहा है इस बार भी वरिष्ठ उपमहापौर का पद जगाधरी शहर की झोली में जाने की संभावना है।
भाजपा अपनी नीतियों के अनुसार इन दोनों पदों से सभी वर्गों को खुश करने का प्रयास करेगी। यह दोनों पद पुरुष पार्षदों को मिलने की भी संभावनाएं हैं। जिसमें एक पद सामान्य वर्ग के हिस्से जाने की चर्चा हैं। पिछली बार भी भाजपा ने इसी नीति के तहत सभी वर्गों को एक साथ साधा था। जिसके तहत तीनों पद शहर को तीनों क्षेत्रों में विभाजित करके दिए थे।
शहर के मध्य महापौर मदन चौहान आम चुनाव से निर्वाचित हुए थे सदन की बैठक में जगाधरी शहर के वार्ड नंबर दो से पार्षद प्रवीण शर्मा उर्फ पिन्नी को वरिष्ठ उपमहापौर बनाया गया था। वहीं शहर के तीसरे हिस्से में उपमहापौर का पद आया था। उपमहापौर नंबर 14 की पार्षद रानी कालड़ा को बनाया था। इस नीति से भाजपा ने सभी वर्गों को खुश कर दिया था। जगाधरी से प्रवीण शर्मा को वरिष्ठ महापौर बनाकर सामान्य वर्ग को खुश कर दिया था। चूंकि जगाधरी इनकी संख्या ज्यादा है। वहीं, रानी कालड़ा को उपमहापौर बनाकर पंजाबी समुदाय को साधा था। शहर में पंजाबी समुदाय के लोगों की तादाद काफी अच्छी है। इस बार भी भाजपा इन दो पदों से सभी वर्गों को ध्यान में रखकर योजना बना सकती है। जगाधरी शहर में कुल सात वार्ड हैं। जिसमें से दो वार्ड पर महिलाओं व शेष पर सभी वर्गों के पुरुषों ने जीत हासिल की है। वार्ड नंबर एक से रीना रस्तौगी, वार्ड दो से अरुण कुमार, वार्ड नंबर तीन से जयंत स्वामी, वार्ड चार से रूचि, वार्ड पांच से भानू प्रताप, वार्ड छह से अंकित और वार्ड नंबर सात से प्रियांक शर्मा ने जीत हासिल की है। इसे लेकर राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। संवाद
प्रदेश नेतृत्व को भेजेंगे नाम : जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश सपरा का कहना है कि अभी मेयर व पार्षदों का शपथ ग्रहण प्राथमिकता है। इसके बाद सदन की बैठक होगी। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों पर दोनों पदों के लिए पार्षदों के नाम विचार के लिए भेजे जाएंगे। भाजपा सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास के सिद्धांत पर काम करती है। पुरुषों को दोनों पद मिलने की संभावना
वरिष्ठ उपमहापौर और उपमहापौर के पद पुरुषों के पास जाने की संभावना है। चूंकि भाजपा की महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण नीति है। नीति के तीन में से एक पद महिला का बनता है जो महापौर के रूप में दिया जा चुका है। वहीं यह पद पहले से ही आरक्षित है। अब शहर के दो बड़े वर्ग सामान्य व पंजाबी समुदाय हैं। जिन्हें ध्यान में रख कर भाजपा की ओर से योजना बनाई जा सकती है।