रेलवे वर्कशॉप के अधिकारियों के साथ बातचीत करते अतिरिक्त निगम आयुक्त। प्रवक्ता
यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2025 के तहत शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए नगर निगम ने कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने रेलवे वर्कशॉप जगाधरी में रेलवे के वरिष्ठ इंजीनियरिंग अधिकारियों के साथ बैठक कर प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन पर चर्चा की। बैठक में शहर में बढ़ते प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए प्लास्टिक बोतल क्रशर मशीन और पॉलीथिन क्रशर मशीन लगाने के विभिन्न तकनीकी विकल्पों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद रेलवे अधिकारियों ने अतिरिक्त निगम आयुक्त को प्लास्टिक बोतल क्रशर और पॉलीथिन क्रशर मशीन की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इन मशीनों के माध्यम से प्लास्टिक कचरे को छोटे-छोटे टुकड़ों में क्रश कर उसे रिसाइक्लिंग के लिए तैयार किया जा सकता है। इससे प्लास्टिक का दोबारा उपयोग संभव होगा और शहर में फैल रहे प्लास्टिक कचरे की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान प्लास्टिक मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट को लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार शहर में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकलता है, जिसके वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की आवश्यकता है। यदि इसे व्यवस्थित तरीके से एकत्रित कर रिसाइक्लिंग के लिए उपयोग किया जाए तो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था भी बेहतर हो सकती है।
अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने कहा कि नगर निगम का प्रयास है कि प्लास्टिक प्रबंधन प्रणाली को इस तरह विकसित किया जाए, जिससे आम लोगों को भी इससे जोड़ा जा सके। उन्होंने बताया कि ऐसे मॉडल पर काम करने की योजना है, जिसमें लोग प्लास्टिक कचरा एकत्रित कर निर्धारित केंद्रों पर जमा करा सकेंगे और बदले में उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल सकेगा।