यमुनानगर। कूका आंदोलन के शहीद नामधारी संत मंगल सिंह, मस्तान सिंह और गुरमुख सिंह के बलिदान दिवस पर बुधवार को नेहरू पार्क में श्रद्धांजलि सभा करवाई गई। कार्यक्रम में गऊ संवर्धन न्यास और नामधारी समाज के सदस्यों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान देसी गाय का दूध प्रसाद के रूप में वितरित किया। कार्यक्रम में शहीद संतों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया।
गऊ संवर्धन न्यास अध्यक्ष रोहित चौधरी ने कहा कि पांच अगस्त 1871 का दिन कूका आंदोलन के इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने बताया कि नामधारी संतों ने अंग्रेजों द्वारा स्थापित कत्लखानों का विरोध करते हुए गौ संरक्षण के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके त्याग और संघर्ष को कभी भुलाया नहीं जा सकता। रोहित चौधरी ने कहा कि देसी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर कार्य करना होगा। उन्होंने गौचारण भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करवाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस विषय पर जल्द ही जिले में बैठक कर व्यापक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गऊ संवर्धन न्यास पिछले कई वर्षों से गोसेवा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है और अब नामधारी समाज के सहयोग से जिले में देशी गोवंश संरक्षण एवं संवर्धन केंद्र स्थापित करने की योजना है, जहां देशी नस्ल के संरक्षण, पालन और सेवा से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इस दौरान भाजपा नेता मदन चौहान, निश्चल चौधरी, नामधारी समाज के प्रतिनिधियों, गौसेवक सहित अन्य उपस्थित रहे। संवाद
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