संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जगाधरी सिविल अस्पताल के प्रांगण में बनी ईएसआई की डिस्पेंसरी में सफाई के हालात संतोषजनक नहीं हैं। यहां नियमित सफाई न होने के कारण मरीजों व तीमारदारों को भी गंदगी का सामना करना पड़ता है। प्रांगण में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है।
हालात यह है कि जानवर रात को यहां चरते हैं और गोबर मूत्र इत्यादि से पूरा प्रांगण गंदा कर देते हैं। ऐसे में कई दिन गंदगी पड़े रहने से यहां सड़न हो जाती है। ऐसे में यहां आने वाले लोगों को बदबू की वजह से सांस लेना तक मुश्किल हो जाता है।
यह हालत तब है जब डिस्पेंसरी में नियमित सफाई कर्मचारी है। डिस्पेंसरी के मैदान में चारों तरफ बड़ी-बड़ी झाड़ियां उगी हुई हैं। कहीं कचरे के ढेर लगे हुए हैं तो कहीं गोबर पसरा पड़ा है। प्याऊ पर गंदगी रहती है, कई महीनों से इसकी सफाई नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि जगाधरी औद्योगिक नगरी हैं। क्षेत्र में मेटल व प्लाईवुड की दर्जनों इकाइयां स्थापित हैं, जिसमें करीब डेढ़ लाख से अधिक लोग काम करते हैं। श्रमिकों को सुविधा देने के लिए ईएसआई की ओर से सिविल अस्पताल में एक व दो नंबर डिस्पेंसरी बनाई गई है। डिस्पेंसरी पर रोजाना करीब 100 लोग सामान्य रोगों की दवा लेने आते हैं। इसके अलावा बिल इत्यादि जमा करवाने के लिए भी काफी लोग आते हैं।
दवा लेने आए रमेश कुमार, मुकेश, प्रिंस, राजू, सावित्री, मुन्नी देवी ने बताया कि वह कई दिन से डिस्पेंसरी में दवा लेने आ रहे हैं। यहां पर कभी सफाई नहीं दिखी। हर तरफ गंदगी रहती है। शौचालय और प्याऊ भी गंदे हैं।
लावारिस पशु किसी भी समय डिस्पेंसरी में घुस आते हैं, जिससे गंदगी फैल जाती है। दो दिन बारिश के कारण भी गंदगी प्रतीत हो रही है। इसके बारे वे सुबह ही संज्ञान लेंगे और कर्मचारी लगवाकर सफाई करवाएंगे। कर्मचारी को नियमित सफाई की हिदायत दी जाएगी। - डॉ. साहिल गांधी, प्रभारी डिस्पेंसरी, जगाधरी।