यमुनानगर। यमुनानगर बस स्टैंड पर हैप्पी कार्ड बनवाने वाले लाभार्थियों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। हालांकि लोगों को सुविधा देने के लिए पहले चार तो अब 10 काउंटर लगाए गए हैं। इसके बाद भी सुबह से दोपहर तक हैप्पी कार्ड लेने वालों की लंबी कतार लगातार जारी है।
ऑनलाइन करने से लेकर कार्ड को अपडेशन कराने तक लोगों के चक्कर लग रहे हैं। जापान सिंह, बलजीत सिंह, पूजा, तेजो, अमर सिंह, राम रतन, मुकेश, अंकित, ईश्वर देवी व बलजीत ने बताया कि इधर से उधर भटकना पड़ रहा है। पहले सीएसी पर 50 रुपये दिए और अब बस स्टैंड पर भी 50 रुपये देने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में रोडवेज के यमुनानगर महाप्रबंधक संजय रावल का कहना है कि अभी तक 45000 लोगों ने आवेदन किया है। इनमें से 23000 लाभार्थियों को हैप्पी कार्ड दे चुके हैं। लाभार्थियों की सुविधा को देखते हुए 10 काउंटर बनाए गए हैं। हर काउंटर पर दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिला यमुनानगर के प्रत्येक बस स्टैंडों में भी बैनर लगाए गए है लाभार्थियों कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। संवाद
12 चक्कर लगाने के बाद भी कतार में
कलावड़ से आए जापान सिंह ने बताया कि हैप्पी कार्ड लेने के लिए उनका 12वां चक्कर लग चुका है और अभी भी लाइन में खड़े होने और इंतजार करने के अलावा कोई चारा नहीं है। सुबह आकर पहले ओटीपी दिखाओ फिर टोकन को प्राप्त कर कार्ड एक्टिवेट प्रक्रिया में भी काफी समय लग रहा है। अधिकारियों को चाहिए कि फोन के माध्यम से सीमित में लोगों को बुलाया जाए।
एक ही जगह से मिले हैप्पी कार्ड
दराजपुर के प्रीत नगर से आए बलजीत सिंह ने बताया कि पहले भी वह कार्ड को प्राप्त करने के लिए चार चक्कर लगा चुके हैं। अधिकारी फोन कर बुला तो लेते हैं लेकिन जो परेशानी होती है वह खुद ही जानते हैं। बलजीत सिंह ने कहा कि कार्ड को लेने के लिए निश्चित समय और तारीख देनी चाहिए जिससे वो ही लोग आए जिनके कार्ड बन चुके हैं।
किलोमीटर का बढ़ाया जाए दायरा
दामला से आई पूजा ने बताया कि चौथी बार आने पर कार्ड मिला। अभी भी एक्टिवेट कराने के लिए लाइन में लगी हुई है। जो लोग आसपास के हैं उनका कार्ड तो फिर भी काफी दिन निकाल देगा। उन लोगों को ज्यादा परेशानी होगी जिन्होंने 200, 300, 400 या इससे अधिक सफर करना होता है। सरकार को चाहिए कि हैप्पी कार्ड की लिमिट को बढ़ाकर पांच हजार किलोमीटर किया जाए।