संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। स्वास्थ्य निदेशक के पत्र जारी करने के बाद भी सिविल सर्जन ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर वापस नहीं लिया। इससे नाराज स्वास्थ्य ठेका कर्मचारियों का धरना सोमवार को भी फिर से शुरू कर दिया गया। वहीं जिले के सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों के कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर ड्यूटी दी।
स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी सोमवार सुबह सिविल अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर के सामने धरनास्थल पर पहुंच गए। सर्व कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन, सीटू व अन्य कर्मचारी संगठनों ने धरने को समर्थन दिया। धरने की अगुवाई स्वास्थ्य ठेका कर्मचारी यूनियन प्रधान सुमित ऋषि ने की। कर्मचारियों ने सिविल सर्जन व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सोढ़े, ब्लॉक प्रधान जोत सिंह, आंगनबाड़ी जिला प्रधान रेखा रानी, उपप्रधान सुनीता रानी ने विचार व्यक्त किए। नेताओं ने कहा कि कर्मचारी नौकरी के लिए दस दिन से आंदोलन दे रहे हैं। इस पर महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं ने 13 मई को पत्र जारी कर किसी पुराने कर्मचारी को नौकरी से न हटाने के आदेश दिए थे। इसे लेकर शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया से भी संघ व संगठनों की लंबी चर्चा हुई।
सिविल सर्जन ने आश्वासन दिया था कि कर्मचारियों को नौकरी पर वापस लिया जाएगा। संघ ने सोमवार तक सभी कर्मचारियों का नौकरी पर वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। बावजूद इसके कर्मचारियों को नौकरी पर नहीं लिया गया है। कर्मचारी संगठनों ने कहा कि चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही कर्मचारियों को नौकरी पर वापस नहीं लिया गया, तो जिले भर में प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसके तहत उल्टा झाडू प्रदर्शन, जुलूस, अर्धनग्न प्रदर्शन, भूख हड़ताल, पुतला दहन, क्रमिक अनशन किए जाएंगेे। इस दौरान गुलशन भारद्वाज, विशाल बाजीगर, नरवेश शर्मा, कमल सहित अन्य उपस्थित रहे।
काला दिवस मनाकर जताया रोष
महानिदेशक के आदेशों के बाद भी पुराने कर्मचारियों को नौकरी पर वापस न लेने से नाराज कर्मचारियों ने सोमवार को काला दिवस मनाया। कर्मचारियोें ने नागरिक व उपनागरिक अस्पताल सहित छछरौली, बिलासपुर, साढौरा, प्रतापनगर, सरस्वती नगर, खारवन, हरनौली, कोट खदरी, नाहरपुर सहित तमाम स्वास्थ्य केंद्रों पर रोष जताया। कर्मचारियों ने काली पट्टियां बांधकर ड्यूटी दी।