ट्विनसिटी में लगभग 36,373 महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें लॉकडाउन में प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत एक भी रुपया नहीं मिला। वजह बैंक खातों में आधार कार्ड अपडेट न होना बताया जा रहा है। ये पात्र महिलाएं अभी भी बैंकों के चक्कर काट रहीं हैं। वजह जबकि 1,84,121 महिला पात्रों के खातों में तीनों किस्त पहुंच चुकी है।
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत जिले में कुल 3,72,423 लोगों के विभिन्न बैंकों में खाते खोले गए थे। जिसमें 1,88,302 पुरुष और 1,84,121 महिलाएं हैं। जबकि 72,746 पात्र ऐसे है जिनका खाता तो खुला है, लेकिन किसी न किसी तकनीकी कारणों से खाते संचालित नहीं हो पाए हैं। यदि इन खातों को भी जोड़ दिया जाए तो कुल संख्या चार लाख से भी पार चली जाएगी। यानि सरकारी और गैर सरकारी बैंकों ने पात्र महिलाओं को 27,61,81,500 यानि 27 करोड़ 61 लाख 81 हजार 500 रुपये का भुगतान कर दिया है।
कोरोना काल में गरीब तबका तमाम मुसीबत झेल रहा है। लॉकडाउन के दौरान सरकार ने महिलाओं के जनधन खातों में 500-500 रुपये जमा करने की घोषणा की थी। ट्विनसिटी में भी पात्र महिलाओं के खातों में तीन-तीन किस्त जमा हुई। काफी महिलाएं योजना से वंचित रह गई हैं। जब अमर उजाला की टीम ने इसकी छानबीन की तो सरकारी योजना से वंचित पात्र महिलाओं की एक बहुत बड़ी संख्या सामने आई है। इसका कारण आधार कार्ड में नाम, पता, मोबाइल नंबर, पति व पिता का नाम व अन्य कमियां बताई जा रही है। हालांकि सभी बैंक खातों को अपडेट कर रहे हैं और पात्र लोगों इस योजना को दिलाने में प्रयास करने का दावा पेश कर रहे हैं, लेकिन वास्तविकता कुछ और है।
कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान गरीबों को अपना घर चलाने में आर्थिक परेशानी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री जनधन खाते की पात्र महिलाओं को राहत पैकेज के तौर पर 500-500 रुपये डाले हैं। हालांकि देश में 20 करोड़ महिलाओं के खातों में 500 रुपये जमा करने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, वास्तविकता विपरित दिखाई दे रही हैं। देश भर में ऐसे न जाने कितनी पात्र महिलाएं होंगी जिनके खातों में किसी न किसी कमी कारण सरकार की मदद जमा नहीं हो पाई है।