क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत न होने से गुस्साएं लोग शुक्रवार को नेशनल हाईवे 73 पर उतर आए।
यहां ग्रामीणों ने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर पीडब्ल्यूडी एक्सईएन का पुतला फूंक रोष प्रकट किया। ग्रामीण इनेलो के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजपाल छप्पर के नेतृत्व में नेशनल हाईवे पर धरने पर बैठ गए।
इससे लगभग दो घंटे तक नेशनल हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ और जेई मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को 25 अगस्त तक सड़कों की मरम्मत का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया।
इनेलो के प्रदेश उपाध्यक्ष बृजपाल छप्पर के नेतृत्व में क्षेत्र के विभिन्न गांव के लोग शुक्रवार को गांव छप्पर के पास चंडीगढ़ रुड़की (अंबाला मार्ग) नेशनल हाईवे पर एकत्रित हुए।
यहां उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और पीडब्ल्यूडी एक्सईएन का पुतला फूंका। इसके बाद सभी प्रदर्शनकारी नेशनल हाईवे पर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। सड़क पर ग्रामीणों के बैठने से हाईवे पर एक साइड चलती रही।
सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और वाहनों को सूचारु रूप देने लगा। करीब दो घंटे तक हाईवे पर जाम की स्थिति रही।
कलावड़ निर्वतमान सरपंच रविंद्र राणा, इनेलो हल्का प्रधान चरण ङ्क्षसंह, धर्मवीर, विक्रम, संजीव राणा, बांका सैणी, वेद प्रकाश, सिमरण, करनैल लवाना, लाली जागधौली, सूरजीत खेड़ा, कर्मवीर, मेहर धर्मगढ़, गुरमीत, निर्वतमान सरपंच खनपूरा इन्द्रजीत ने बताया कि क्षेत्र की छप्पर से कलावड़ व कलावड़ से तपड़ा जाने सड़के बहुत खस्ताहाल हो चुकी है। इसके अलावा भी क्षेत्र में कई सड़के ऐसी है, जिनपर चलना बहुत मुश्किल हो गया है।
बृजपाल छप्पर ने बताया कि इस बारे कई बार प्रशासन को लिखित में शिकायत दे चुके है, लेकिन समस्या का कोई हल नहीं हुआ। ग्रामीणों के सड़क पर धरने देने की सूचना पाकर विभाग के एसडीओ व जेई ने मौकेे पर आकर ग्रामीणों को समझाया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि 25 अगस्त तक कलावड़ व कलावड़ से तपड़ा जाने वाली सड़कों की मरम्मत की जाएगी। उसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर 25 अगस्त तक सड़क पर काम नहीं लगाया तो एनएच 73 पर जाम लगाया जाएगा।
गोद लेने पर भी नहीं हो रहा सड़क का निर्माण
ग्रामीणों ने बताया कि पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने गांव कलावड़ को गोद लिया हुआ है। उसके बावजूद कलावड़ को जाने वाली सभी सड़के टूटी पड़ी है। हर रोज दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन सड़क महकमा संभालने वाले उच्चाधिकारी इस ओर से पूरी तरह से अनजान बने हुए हैं।