संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। गांव लक्खा सिंह खेड़ी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन वीरवार को कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास साध्वी उषा माता जी ने भक्त ध्रुव और भक्त प्रह्लाद के चरित्र का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति और विश्वास का महत्व बताया।
साध्वी उषा माता ने कहा कि सच्ची श्रद्धा, अटूट विश्वास और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण रखने वाले भक्त पर ईश्वर की कृपा अवश्य होती है। उन्होंने ध्रुव और प्रह्लाद के जीवन प्रसंगों के माध्यम से बताया कि विपरीत परिस्थितियों में भी भगवान के प्रति विश्वास बनाए रखना चाहिए।
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया, पूरा कथा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर पुष्पवर्षा की। नंदोत्सव की खुशी में श्रद्धालु भजनों पर झूमते नजर आए।
साध्वी उषा माता जी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन में धर्म, प्रेम, सत्य और भक्ति के प्रकाश के आगमन का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने और अपने जीवन में सत्य, प्रेम व सदाचार को अपनाने का आह्वान किया। कथा स्थल पर जन्मोत्सव को लेकर विशेष सजावट की गई थी। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।