संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर/ रादौर। क्षेत्र में रविवार को गंगा दशहरा धूमधाम से मनाया गया। यमुना नदी के गुमथला, लाल छप्पर, संधाला, जठलाना, उन्हेडी, पौबारी घाटों पर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने यमुना में डुबकी लगाकर मन्नते मांगी। महामारी के चलते लगातार दूसरे वर्ष भी प्रशासन की ओर से गंगा दशहरे के अवसर पर गांव गुमथला में बाबा गंगाराम मंदिर में एक दिवसीय प्राचीन व ऐतिहासिक मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी गई। इसके बावजूद प्रशासन के आदेशों पर श्रद्धालुओं की आस्था भारी रही।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुना नदी के अलग अलग घाटों पर पूजा करने व स्नान करने पहुंचे थे। इस दौरान गांव गुमथला में कुछ लोगों ने सुबह के समय दुकानें लगाई हुई थी। बाद में थाना जठलाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर धर्मपाल पुलिस कर्मचारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दुकानों को बंद करवाया। गुमथला घाट के रास्ते पर दुकानें लगने से यातायात प्रभावित हो रहा था। पुलिस की सख्ती के बाद दुकानें बंद होने पर घाट का रास्ता यातायात के लिए खुला। जिसके बाद पुलिस ने गुमथला घाट पर जाने वाले रास्ते को वाहनों के लिए बंद किया। केवल पैदल श्रद्धालुओं को ही गुमथला घाट पर पूजा अर्चना के लिए जाने दिया गया।
बाबा गंगा राम मंदिर व गुमथला घाट पर स्थित यमुना माता के मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। ग्रामीणों ने हवन यज्ञ कर विश्व में फैली महामारी के जल्द खत्म होने की कामना की। गंगा दशहरे पर रविवार की सुबह से ही श्रद्धालुओं का ट्रैक्टर ट्रालियों व अन्य वाहनों से गुमथला घाट पर आने के लिए तांता लगा हुआ था। इसके अलावा रादौर से गुमथला तक रास्ते में ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में मीठे पानी की छबील लगाई हुई थी।
न किश्ती और न ही गोताखोरों की व्यवस्था
श्रद्धालुओं ने गुमथला घाट पर स्थित बाबा गंगाराम की समाध पर माथा टेका और मन्नते मांगी। सबसे अधिक गुमथला घाट पर श्रद्धालुओं ने यमुना नदी में स्नान किया। गुमथला घाट के यमुनानदी पार दूसरे किनारे पर भारी संख्या में उत्तरप्रदेश के भी हजारों लोगों ने स्नान किया। हालांकि इस बार हर बार की तरह गुमथला घाट पर न तो प्रशासन की ओर से फायर ब्रिगेड, न ही किश्ती व गोताखोरों की कोई व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने राम भरोसे घाटों पर स्नान किया। जबकि यमुनानदी के लगभग सभी घाटों पर गहरे कुंड बने हुए है। किसी भी घाट पर श्रद्धालुओं के लिए कोई चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। जिससे यमुनानदी के घाटों पर स्नान करने आए लोगों को घाट पर बने गहरे कुंडों के बारे में जानकारी मिल सके।
कच्चे व पक्के घाट पर की पूजा अर्चना
रादौर में लोग पश्चिमी यमुना नहर के पक्के व कच्चे घाट पर काफी संख्या में पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान स्थानीय लोगों ने घाटों पर पूजा अर्चना की और अपने परिवारों के लिए सुख शांति की कामना की। शहर निवासी दीपक, विशू, सुमित गर्ग, संदीप, शैंटी, मक्खन, रामकुमार आदि ने बताया कि पिछले काफी वर्षो से पश्चिमी यमुना नहर में श्रद्धालुओं को गंदे पानी के कारण श्रद्धालुओं को गंगा दशहरे पर निराश होना पड़ता था। इस बार पश्चिमी यमुना नहर में नहरी विभाग ने साफ पानी छोड़ा हुआ है। जिससे श्रद्धालुओं को इस बार राहत मिली है।