यमुनानगर। पिछले कुछ समय से नियमित अंतराल पर हो रही बारिश से ग्रामीण क्षेत्र में हो रहे विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। बारिश की वजह से गांवों में होने वाले काम लगभग थम से गए हैं, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहे हैं। काम शुरू करने के लिए जो गलियां व नालियां उखाड़ी गई थी वह लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। पंचायत विभाग के अधिकारियों की माने तो आठ से 10 करोड़ रुपये के कार्य अधर में लटके हुए हैं। काम कब तक शुरू होंगे फिलहाल इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता।
गांवों में ग्राम पंचायतों की तरफ से टूटी गलियों का निर्माण, नाले व नालियाें का निर्माण, पंचायत भवन, ग्राम सचिवालय समेत अन्य विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। जो बड़े प्रोजेक्ट हैं उनका काम टेंडर के माध्यम से करवा जा रहा है। परंतु बारिश ने इन विकास कार्याें पर ब्रेक लग गया है। जैसे ही किसी गांव में काम शुरू होता है तो बारिश हो जाती है। बारिश होते ही काम को फिर से बीच में रोकना पड़ता है। कई जगह तो ऐसी हालत है कि गलियों को उखाड़ दिया गया लेकिन उनमें टाइलें नहीं लग पाई। अब उखाड़ी गई गलियां बारिश की वजह से कीचड़ से सनी हुई हैं। जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों को अपने ही घर तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
12 जुलाई को उखाड़ी थी गली, अब तक नहीं बनी:
व्यासपुर निवासी काका राम, रवि, विशाल, रामजी लाल ने बताया कि चौराही-व्यासपुर लिंक रोड का निर्माण किया जाना है। इस गली की हालत काफी खस्ता हो चुकी थी। अब जाकर इसको बनाने की स्वीकृति मिली थी। इसके लिए ठेकेदार ने 12 जुलाई को गली पर लगी पुरानी टाइलों को उखाड़ने का कार्य शुरू किया था। जब से टाइलें उखाड़ी गई हैं तब से बारिश हो रही है। ऐसे में सारी गली में कीचड़ हो गया है। जिससे घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। यहां तक की सुबह बच्चों को स्कूल वाहन तक छोड़ने में भी दिक्कत आ रही है। गली टूटने से स्कूल बस नहीं आ रही। जिससे बच्चों को गोद में उठाकर बस तक छोड़ने जाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की है सारी गली को एक साथ न उखाड़ा जाए। अब तक जहां से टाइलें उखाड़ी गई है पहले उसमें इंटरलॉक टाइलें लगाई जाएं ताकि लोगों को परेशानी न हो।
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वर्जन:
अब कई दिनों से बारिश हो रही है। जिससे गांवों में काम कराने में काफी रुकावट आ रही है। जैसे ही काम शुरू होता है तभी बारिश हो जाती है। इसलिए काम को बीच में ही रोकना पड़ता है। प्रयास यही है कि जो काम शुरू हो चुके हैं उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
- नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ, यमुनानगर।