यमुनानगर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन जारी करने में लापरवाही बरतने पर यूएचबीवीएनएल को फटकार लगाई है। आयोग ने विभाग को निर्देश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को 45 दिनों में ट्यूबवेल कनेक्शन जारी किया जाए। तय अवधि में कनेक्शन न देने पर विभाग को 5 हजार रुपये प्रतिमाह की दर से मुआवजा देना होगा। साढौरा निवासी 74 वर्षीय नरेंद्र नाथ ने 20 जनवरी 2020 को 5.59 किलोवाट क्षमता के ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। उन्होंने निर्धारित 750 रुपये आवेदन शुल्क भी जमा कराया, लेकिन इसके बाद विभाग की ओर से न तो कोई डिमांड नोटिस जारी किया गया और न ही कनेक्शन दिया गया।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि विभाग ने सेल्स सर्कुलर यू-06/2023 का हवाला देकर कनेक्शन जारी नहीं किया, जो कि प्रशासनिक कानून के सिद्धांतों के विपरीत है। किसी भी नियम या कार्यकारी आदेश को पिछली तिथि से लागू नहीं किया जा सकता। आयोग ने स्पष्ट किया कि यदि सर्कुलर के अनुसार 10 बीएचपी से कम क्षमता के कनेक्शन सोलर ऑफ-ग्रिड मोड पर देने थे, तो यह व्यवस्था भविष्य के आवेदनों पर लागू हो सकती है, न कि वर्ष 2020 में किए गए आवेदन पर। आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि यदि विभाग सोलर मोड पर कनेक्शन देने की बात करता है तो 2020 में लिया गया आवेदन शुल्क वापस किया जाना चाहिए था।
आयोग ने माना कि विभाग की ओर से शिकायतकर्ता को वर्षों तक इंतजार में रखना घोर लापरवाही और सेवा में कमी है। आदेश में कहा गया कि शिकायतकर्ता लगातार कार्यालय के चक्कर लगाता रहा, लेकिन विभाग ने न तो उचित जवाब दिया आयोग ने आंशिक रूप से शिकायत स्वीकार करते हुए यूएचबीवीएनएल को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता से अनुमानित राशि व अन्य औपचारिक शुल्क, यदि कोई हो, लेकर 45 दिन के भीतर कनेक्शन जारी किया जाए। संवाद